lalittripathi@rediffmail.com
Stories

गुरु पर पूर्ण विश्वास

61Views

गुरु पर पूर्ण विश्वास

एक बार स्वामी विवेकानंद जी किसी स्थान पर प्रवचन दे रहे थे। श्रोताओ के बीच एक मंजा हुआ चित्रकार भी बैठा था। उसे व्याख्यान देते स्वामी जी अत्यंत ओजस्वी लगे। इतने कि वह अपनी डायरी के एक पृष्ठ पर उनका रेखाचित्र बनाने लगा।

प्रवचन समाप्त होते ही उसने वह चित्र स्वामी विवेकानंद जी को दिखाया। .चित्र देखते ही, स्वामी जी हतप्रभ रह गए। पूछ बैठे…‘यह मंच पर ठीक मेरे सिर के पीछे तुमने जो चेहरा बनाया है , जानते हो यह किसका है ?

चित्रकार बोल, नहीं तो …. पर पूरे व्याख्यान के दौरान मुझे यह चेहरा ठीक आपके पीछे झिलमिलाता दिखाई देता रहा। यह सुनते ही विवेकानंद जी भावुक हो उठे। रुंधे कंठ से बोले…धन्य है तुम्हारी आँखे ! तुमने आज साक्षात मेरे गुरुदेव श्री रामकृष्ण परमहंस जी के दर्शन किए !

यह चेहरा मेरे गुरुदेव का ही है, जो हमेशा दिव्य रूप में, हर प्रवचन में, मेरे अंग संग रहते है ….मैं नहीं बोलता, ये ही बोलते है। मेरी क्या हस्ती, जो कुछ कह-सुना पाऊं ! बाँट रहे है। वैसे भी देखो न, माइक आगे होता है और मुख पीछे।

ठीक यही अलौकिक दृश्य इस चित्र में है। मैं आगे हूँ और वास्तविक वक्ता – मेरे गुरुदेव पीछे ! गुरु शिष्यों में युगों युगों से यही रहस्यमयी लीला होती आ रही है। अपने गुरु पर पूर्ण विश्वास रखे वे सदैव हमारे साथ है..!!

यह भी पढें……

नये जमाने की बहू….. https://lalittripathi.com/2022/10/30/

इसे तो फ़र्क पड़ेगा alittripathi.com/2022/11/01/

सासू माँ या माँ….. https://lalittripathi.com/2025/05/04/

माँ का आँचल…. https://lalittripathi.com/2023/12/02/

लक्ष्मी जी के पग…. https://lalittripathi.com/2022/10/24/

देवरानी – जेठानी ( बहुएं )… https://lalittripathi.com/2024/06/17/

कड़वाहट …. https://lalittripathi.com/2026/09/23/

सच्चा प्रायश्चित…. https://lalittripathi.com/2023/09/01/

सबसे ज्यादा सुखी कोंन… https://lalittripathi.com/2022/10/28/

सन्तोष की साँस ….. https://lalittripathi.com/2026/05/18/

भेड़िया तो भेड़िया ही है…. https://lalittripathi.com/2023/08/03/

Lalit Tripathi
the authorLalit Tripathi
सामान्य (ऑर्डिनरी) इंसान की असमान्य (एक्स्ट्रा ऑर्डिनरी) इंसान बनने की यात्रा

Leave a Reply