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Quotes

सुविचार-सुन्दरकाण्ड-94

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जय श्री राधे कृष्ण …….

“बार बार नाएसि पद सीसा, बोला बचन जोरि कर कीसा, अब कृतकृत्य भयउँ मैं माता, आसिस तव अमोघ बिख्याता…..!!

भावार्थ:- हनुमान जी ने बार-बार सीता जी के चरणों में सिर नवाया और फिर हाथ जोड़ कर कहा, हे माता ! अब मैं कृतार्थ हो गया। आपका आशीर्वाद अमोघ (अचूक) है, यह बात प्रसिद्ध है…!!

सुप्रभात

आज का दिन प्रसन्नता से परिपूर्ण हो..

Lalit Tripathi
the authorLalit Tripathi
सामान्य (ऑर्डिनरी) इंसान की असमान्य (एक्स्ट्रा ऑर्डिनरी) इंसान बनने की यात्रा

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