lalittripathi@rediffmail.com
Quotes

सुविचार-सुन्दरकाण्ड-35

241Views

जय श्री राधे कृष्ण …….

बिप्र रुप धरि बचन सुनाए, सुनत बिभीषन उठि तहं आए, करि प्रनाम पूंछी कुसलाई, बिप्र कहहु निज कथा बुझाई….!!

भावार्थ:- ब्राह्मण का रूप धर कर हनुमान जी ने उन्हें वचन सुनाए (पुकारा) । सुनते ही विभीषण जी उठकर वहां आए । प्रणाम कर के कुशल पूछी (और कहा कि), हे ब्राह्मण देव ! अपनी कथा समझा कर कहिये …….!!

सुप्रभात

आज का दिन प्रसन्नता से परिपूर्ण हो..

Lalit Tripathi
the authorLalit Tripathi
सामान्य (ऑर्डिनरी) इंसान की असमान्य (एक्स्ट्रा ऑर्डिनरी) इंसान बनने की यात्रा

Leave a Reply