ससुर या पिता
ससुर या पिता "बेटा तू बच्चों का नाश्ता बना इतने मैं इन्हे तैयार कर देता हूं फिर तू वत्सल का लंच लगा दियो मैं इन्हे बस तक छोड़ आऊंगा!" नरेश जी अपनी बहू दिव्या से बोले। "नहीं नहीं पापा जी...
ससुर या पिता "बेटा तू बच्चों का नाश्ता बना इतने मैं इन्हे तैयार कर देता हूं फिर तू वत्सल का लंच लगा दियो मैं इन्हे बस तक छोड़ आऊंगा!" नरेश जी अपनी बहू दिव्या से बोले। "नहीं नहीं पापा जी...
जय श्री राधे कृष्ण ….. " कोई भी व्यक्ति आपको यह एहसास दिला सकता है कि दुनिया कितनी अद्भुत है..!...
हम हाथी नहीं इंसान हैं एक आदमी कहीं से गुजर रहा था, तभी उसने सड़क के किनारे बंधे हाथियों को...
अतृप्त मन असंतोषी मन इस संसार का सबसे दुःखी मन है। जिस मन में संतोष नहीं वह बहुत कुछ प्राप्ति...
जय श्री राधे कृष्ण ….. " हमें अपनी समस्याएं वहाँ साझा करनी चाहिए जहाँ समाधान और सुझाव मिल सके, वरना...
सेवा भी आराधना है अपेक्षारहित अथवा निस्वार्थ सेवा भी ईश्वर की आराधना का एक रूप है। यदि जीवन में सेवा...
स्वामी विवेकानंद और वैश्या विवेकानन्द राजस्थान के एक रजवाड़े खेतरी के महाराजा के मेहमान थे। अमरीका जाने के पहले की...
जय श्री राधे कृष्ण ….. " जीवन” जितना सादा रहेगा… “तनाव” उतना ही आधा रहेगा..!! सुप्रभात आज का दिन प्रसन्नता...