सुविचार-सुन्दरकाण्ड-3
जय श्री राधे कृष्ण …….. " सिंधु तीर एक भूधर सुन्दर, कौतुक कूदि चढ़ेउ ता ऊपर, बार बार रघुबीर संभारी, तरकेउ पवनतनय बल भारी……!! भावार्थ:- समुद्र के तीर पर एक सुंदर पर्वत था। हनुमान जी खेल से ही (अनायास ही)...
जय श्री राधे कृष्ण …….. " सिंधु तीर एक भूधर सुन्दर, कौतुक कूदि चढ़ेउ ता ऊपर, बार बार रघुबीर संभारी, तरकेउ पवनतनय बल भारी……!! भावार्थ:- समुद्र के तीर पर एक सुंदर पर्वत था। हनुमान जी खेल से ही (अनायास ही)...
ॐ जय जगदीश हरे हमारे हिंदुस्तान में शायद कोई भी सनातनी हिंदू ऐसा नहीं होगा जिसने आरती "ॐ जय जगदीश...
जय श्री राधे कृष्ण …….. " जब लगि आवौं सीता देखी, होइहि काजु मोहि हरष बिसेषी, यह कहि नाइ सबन्हि...
सबसे बड़ा तीर्थ एक बार एक चोर जब मरने लगा तो उसने अपने बेटे को बुलाकर एक नसीहत दी:-” अगर...
जय श्री राधे कृष्ण …….. " प्रेरणा सदैव लहरों से लेनी चाहिए, इसलिए नहीं कि वे उठती है और गिर...
एक बार एक व्यक्ति को रास्ते में यमराज मिल गये वो व्यक्ति उन्हें पहचान नहीं सका। यमराज ने पीने के...
जय श्री राधे कृष्ण …….. " जामवंत के बचन सुहाए, सुनि हनुमंत हृदय अति भाए, तब लगि मोहि परिखेहु तुम्ह...
एक गरीब औरत एक साधु के पास गई,"स्वामी जी! कोई ऐसा पवित्र मन्त्र लिख दीजिये जिससे मेरे बच्चों का रात...
कल्पना द्वारा नकारात्मक को सकारात्मक में बदलना.. सुबह उठते ही पहली बात, कल्पना करें कि मै बहुत प्रसन्न हु। बिस्तर...