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Quotes

सुविचार-सुन्दरकाण्ड-26

जय श्री राधे कृष्ण ……. बिकल होसि तैं कपि कें मारे, तब जानेसु निसिचर संघारे, तात मोर अति पुन्य बहूता, देखेउं नयन राम कर दूता……!! भावार्थ:- जब तू बंदर के मारने से व्याकुल हो जाय, तब तू राक्षसों का संहार...

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स्वाभिमान

स्वाभिमान "पता नहीं ये सामने वाला सेठ हफ्ते में 3-4 बार अपनी चप्पल कैसे तोड़ आता है?" मोची बुदबुदाया, नजर...

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घर वापसी

घर वापसी एक बार एक पुत्र अपने पिता से रूठ कर घर छोड़ कर दूर चला गया और फिर इधर...

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एक बंधन ऐसा भी

एक बंधन ऐसा भी अनुज नाम था उसका....मेरे आफिस में थर्ड ग्रेड वर्कर था....मेरा तबादला अभी यहाँ हुआ था आफिसर...

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