सुविचार-सुन्दरकाण्ड-51
जय श्री राधे कृष्ण ……. "सुन दसमुख खद्योत प्रकासा, कबहु कि नलिनी करइ बिकासा, अस मन समुझु कहति जानकी, खल सुधि नहिं रघुबीर बान की….!! भावार्थ:- हे दसमुख! सुन, जुगुनू के प्रकाश से कभी कमलिनी खिल सकती है ? जानकी...
जय श्री राधे कृष्ण ……. "सुन दसमुख खद्योत प्रकासा, कबहु कि नलिनी करइ बिकासा, अस मन समुझु कहति जानकी, खल सुधि नहिं रघुबीर बान की….!! भावार्थ:- हे दसमुख! सुन, जुगुनू के प्रकाश से कभी कमलिनी खिल सकती है ? जानकी...
https://youtu.be/3eBtTln20VE?si=NDUKyB-niRvDvCev...
प्रेम कि पराकाष्ठा- नाच उठे बजरंगी एक दिन हनुमानजी जब सीता जी की शरण में आए, नैनों में जल भरा...
जय श्री राधे कृष्ण ……. "तव अनुचरीं करउँ पन मोरा, एक बार बिलोकु मम ओरा, तृन धरि ओट कहति बैदेही,...
चमत्कार छोटी मनु ने गुल्लक से सब सिक्के निकाले और उनको बटोर कर जेब में रख लिया, निकल पड़ी घर...
जय श्री राधे कृष्ण ……. "बहु बिधि खल सीतहि समझावा, साम दान भय भेद देखावा, कह रावनु सुन सुमुखि सयानी,...
मानसिक भाव एक ब्राह्मण- वह एक महान भक्त था… वह मंदिर की पूजा में बहुत शानदार सेवा पेश करना चाहता...
जय श्री राधे कृष्ण ……. "तरु पल्लव महुँ रहा लुकाई, करइ बिचार करौं का भाई, तेहिं अवसर रावनु तहं आवा,...
गाय का ममत्वपूर्ण व्यवहार एक बार मध्यप्रदेश के इन्दौर नगर में एक रास्ते से ‘महारानी देवी अहिल्यावाई होल्कर के पुत्र...
जय श्री राधे कृष्ण ……. निज पद नयन दिए मन राम पद कमल लीन, परम दुखी भा पवनसुत देखि जानकी...