बैड टच-Bad Touch
नौ रात्री शुरू होने वाली थी। मंदिर के सजावट और व्रत का सामान लेना था।प्रिया और उसकी दोनो नंदे बाजार की ओर निकल पड़ीं। बाजार में भीड़ के साथ साथ बड़ी रौनक भी थी और शोर भी। पूरा मार्केट सजा...
नौ रात्री शुरू होने वाली थी। मंदिर के सजावट और व्रत का सामान लेना था।प्रिया और उसकी दोनो नंदे बाजार की ओर निकल पड़ीं। बाजार में भीड़ के साथ साथ बड़ी रौनक भी थी और शोर भी। पूरा मार्केट सजा...
यह सवाल कई लोगो के मन मे आता होगा। मैंने तो किसी का बुरा नही किया, फिर मेरे साथ ही ऐसा क्यों हुआ। मैं तो सदैव ही धर्म और नीति के मार्ग का पालन करता हूँ, फर मेरे साथ हमेशा...
"बहू!. आज किसी भी सब्जी या दाल में नमक मत डालना।" "क्यों माँजी?" "सभी के लिए हफ्ते में एक दिन भोजन में नमक छोड़ने का नियम बना रही हूंँ।" घर की नई नवेली छोटी बहू को अपने कमरे में बुलाकर...
रामदयाल इस बड़ी दुनिया में अकेले रह गए थे। उनकी पत्नी की मृत्यु हो गई। वह दो-चार दिन ही बीमार रहीं। मोहल्ले वाले उन्हें अस्पताल ले गए। उन्होने ही भाग-दौड़ की। रामदयाल खुद बीमार थे। उनका लड़का मुंबई में रहता...
हवाईजहाज में बैठते ही,पत्नी सुधा की आवाज कानो में गूंजने लगी। उस लड़की से ज्यादा बात मत करना। हमे उससे कोई रिश्ता नही रखना है।जब हमारा बेटा ही ना रहा। तो उसका भी क्या करेंगे। वैसे भी उसे नौकरी ही...
"बेटा तू बच्चों का नाश्ता बना इतने मैं इन्हे तैयार कर देता हूं फिर तू वत्सल का लंच लगा दियो मैं इन्हे बस तक छोड़ आऊंगा!" नरेश जी अपनी बहू दिव्या से बोले।" नहीं नहीं पापा जी मैं कर लूंगी...
दीपावली पर तीनों बेटे सपरिवार उनके पास आते थे...वो एक सप्ताह कैसे मस्ती में बीत जाता था...कुछ पता ही नही चलता था। कैसे क्या हुआ...उनकी खुशियों को जैसे नज़र ही लग गई... अचानक शीला जी को दिल का दौरा पड़ा...
जब से द्वारकाधीश का निर्माण हुआ तब से पहली बार आधी रात को मंदिर के कपाट एक झटके में खोल दिए गए......ये परंपरा किसी इंसान के लिए नहीं बदली गई किसी मंतरी, संतरी के लिए नहीं तोड़ी गई,भारतीय परंपरा में...
वैसे तो सभी जानते हैं कि भगवान श्रीकृष्ण ने गोवर्धन पर्वत को इन्द्र के अहंकार को तोड़ने के लिए अपनी उंगली उठा लिया था। अब दूसरी तरह से भी इसका सार समझते हैं। जब भगवान श्रीकृष्ण गोकुलवासियों को इन्द्रदेव के...
मई-जून की गर्मी, कोरोना काल, दुकानों को सीमित समय हेतु खोलने के आदेश...। एक मजदूर पसीना पोंछता हुआ बोला- सेठ जी थोड़ा सा पानी पिला दीजिये! सेठ जी- अभी कोई आदमी नहीं है, थोड़ी देर बाद आना। बेचारा वहीं बैठ...