lalittripathi@rediffmail.com

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डाकू और बढ़ई

डाकू और बढ़ई एक गाँव में एक बढ़ई रहता था। वह शरीर और दिमाग से बहुत मजबूत था। एक दिन उसे पास के गाँव के एक अमीर आदमी ने फर्नीचर फिट करने के लिए बुलाया। जब वहाँ का काम खत्म...

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जिस दिन आप अच्छा कमाने लगेंगे उस दिन आ जाना मुझे लेने

जिस दिन आप अच्छा कमाने लगेंगे उस दिन आ जाना मुझे लेने जब मेरी शादी हुई तो मुझे पता था जिस व्यक्ति से मेरी शादी हो रही है वो काफी कम कमाता है, पर 35 साल की उम्र होने पर...

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जरा सा मुस्कुरा के चलिए

जरा सा मुस्कुरा के चलिए वक़्त तक़रीबन रात के 8 बजे का रहा होगा।एक छोटा बच्चा मद्धिम रौशनी में अपनी पढ़ाई कर रहा था औऱ पास में ही उसकी माँ रोटियां पका रही थी । तभी बच्चे के पिता खाने...

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बाबा

बाबा "कहाँ जा रही हो?" विदा हो चुकी नवविवाहित दुल्हन सुषमा ने जब अचानक कार की खिड़की खोली तो दूल्हा निखिल तपाक से बोला। " मैं मेरा  बच्चा रोता छोड़ आयी, उसे चुप करा आऊं।" आंसू पौंछती हुई सुषमा ने...

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28 दिन का PG

28 दिन का PG( पेइंग गेस्ट )आंटी जी ……., जयपुर में एक PG ( पेइंग गेस्ट ) रखती हैं। उनका अपना पुश्तैनी घर है, उसमे बड़े बड़े 10 - 12 कमरे हैं। उन्हीं कमरों में हर एक मे 3 bed...

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खुशी…

खुशी... तुर्की के एक प्रसिद्ध कवि ने अपने नामचीन चित्रकार मित्र से अनुरोध किया वह 'खुशी' पर एक पेन्टिंग बनायें। लिहाजा,चित्रकार ने एक चरमराये बिस्तर पर मधुर नींद सोये एक परिवार की पेन्टिंग बनायी। उस बिस्तर का एक पाया भी...

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निष्काम प्रेम ही सच्ची भक्ति है

निष्काम प्रेम ही सच्ची भक्ति है एक गाँव में एक बूढ़ी माई रहती थी । माई का आगे – पीछे कोई नहीं था इसलिए बूढ़ी माई बिचारी अकेली रहती थी । एक दिन उस गाँव में एक साधू आया ।...

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अपनी गठरी टटोलें

अपनी गठरी टटोलें दो आदमी यात्रा पर निकले! दोनों की मुलाकात हुई, दोनों का गंतव्य एक था तो दोनों यात्रा में साथ हो चले... सात दिन बाद दोनों के अलग होने का समय आया तो एक ने कहा:-भाई साहब !...

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कंपकपाते हाथ बेटे को आशीर्वाद

कंपकपाते हाथ बेटे को आशीर्वाद जल्दी जल्दी नींद में बिस्तर पर छूट गयी पेशाब को मनोहर जी साफ करने में लगे थे कि कहीं बहू बेटा ना देख ले.... कल ही तो बहू काजल ने दूसरी चादर बिछायी थी.... कितना...

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कर्म

कर्मजिस प्रकार कर्म जीवन का स्वभाव है। उसी प्रकार कर्म फल का भोग भी जीवन की अनिवार्यता है। मनुष्य जिस प्रकार के कर्म करता है। उस प्रकार का फल उसे न चाहते हुए भी देर-सबेर अवश्य भोगना ही पड़ता है।जाने-अनजाने...

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