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मैं कथावाचन छोड़कर आपके ऑफिस का चपरासी बन जाऊंगा

मैं कथावाचन छोड़कर आपके ऑफिस का चपरासी बन जाऊंगा एक पंडित जी रामायण कथा सुना रहे थे। लोग आते और आनंद विभोर होकर जाते। पंडित जी का नियम था रोज कथा शुरू करने से पहले "आइए हनुमंतजी बिराजिए" कहकर हनुमान...

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विकलांग राजा और चित्रकार

विकलांग राजा और चित्रकार एक राजा था जिसकी केवल एक टाँग और एक आँख थी। उस राज्य में सभी लोग खुशहाल थे क्यूंकि राजा बहुत बुद्धिमान और प्रतापी था। एक बार राजा के विचार आया कि क्यों खुद की एक...

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बीसवां मैं

बीसवां मैं एक राजा की बेटी की शादी होनी थी। बेटी की यह शर्त थी कि जो भी 20 तक की गिनती सुनाएगा, वही राजकुमारी का पति बनेगा। गिनती ऐसी होनी चाहिए जिसमें सारा संसार समा जाए। जो यह गिनती...

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कृष्ण जी का भोग

कृष्ण जी का भोग एक’ सेठ जी “कृष्ण” जी के भक्त थे। निरंतर उनका जाप करते थे। वो रोज स्वादिष्ट पकवान बना कर कृष्ण जी के मंदिर के लिए निकलते थे, पर रास्तें में ही उसे नींद आ जाती और...

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नारायण नारायण

नारायण नारायण एक दिन नारद मुनि आकाश मार्ग से नारायण नारायण का जाप करते हुए जा रहे थे तभी उनके मष्तिक में एक अजीब सा प्रश्न आया तथा वे ब्रह्म लोक पहुंचे। ब्रह्म लोक पहुंचकर उन्होंने ने अपने पूज्य पिता...

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मित्रता

मित्रता एक बार की बात है कि बनगिरी के घने जंगल में एक उन्मुत्त हाथी ने भारी उत्पात मचा रखा था। वह अपनी ताकत के नशे में चूर होने के कारण किसी को कुछ नहीं समझता था। उसी बनगिरी के...

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चमत्कारी ताबीज

चमत्कारी ताबीज किसी गांव में विनोद नाम का एक नवयुवक रहता था। वह बहुत मेहनती था, पर हमेशा अपने मन में एक शंका लिए रहता कि.. वो अपने कार्यक्षेत्र में सफल होगा या नहीं! कभी-कभी वो इसी चिंता के कारण...

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पाँच बोरी अनाज

पाँच बोरी अनाज आज हमने गरीबों को भोजन करवाया। आज हमने ये बांटा, आज हमने वो दान किया…हम अक्सर ऐसा कहते और मानते हैं। इसी से सम्बंधित एक अविस्मरणीय कथा सुनिए… एक लकड़हारा रात-दिन लकड़ियां काटता, मगर कठोर परिश्रम के...

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बन्द मुट्ठी लाख की

बन्द मुठ्ठी लाख की एक समय एक राज्य में राजा ने घोषणा की कि वह राज्य के मंदिर में पूजा अर्चना करने के लिए अमुक दिन जाएगा। इतना सुनते ही मंदिर के पुजारी ने मंदिर की रंग रोगन और सजावट...

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“उसके खेल निराले”

"उसके खेल निराले" एक बार की बात है, नाथद्वारा में भगवान से उनका नित्य सेवक कहता है– ‘हे प्रभु ! आप एक जगह खड़े-खड़े थक गये होंगे, सो ऐसा करते हैं कि एक दिन के लिए मैं आपकी जगह मूर्ति...

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