क्षमा बड़न को चाहिए
क्षमा बड़न को चाहिए महाराज रणजीत सिंह जितने तलवार के धनी थे उतने ही वह अपने शालीन व्यवहार के लिए भी जाने जाते थे। अपनी प्रजा के सुख-दुख की वह बहुत परवाह करते थे और उनके दर्द को दूर करने...
क्षमा बड़न को चाहिए महाराज रणजीत सिंह जितने तलवार के धनी थे उतने ही वह अपने शालीन व्यवहार के लिए भी जाने जाते थे। अपनी प्रजा के सुख-दुख की वह बहुत परवाह करते थे और उनके दर्द को दूर करने...
करम का फल एक लड़की थी। वह बड़ी सुन्दर थी, शरीर उसका पतला था। रंग गोरा था। मुखड़ा गोल था। बड़ी-बड़ी आंखें कटी हुई अम्बियों जैसी थीं। लम्बे-लम्बे काले-काले बाल थे। वह बड़ा मीठा बोलती थी। धीरे-धीरे वह बड़ी हो...
सीता वनवास का रहस्य एक बार सीता अपनी सखियों के साथ मनोरंजन के लिए महल के बाग में गईं , उन्हें पेड़ पर बैठे तोते का एक जोड़ा दिखा। दोनों तोते आपस में सीता के बारे में बात कर रहे...
महान कार्य- छत्रपति संभाजी महाराज का बदला यह कहानी आपको रोमांच से भर देगी और आपके रोंगटे खड़े कर देगी! जानिए इतिहास का एक ऐसा पहलू, जो आज भी दिलों में जोश भरता है। जब औरंगजेब ने छत्रपति संभाजी महाराज...
गरुड़ पुराण -इन 10 लोगों के घर भोजन गरुण पुराण, वेदव्यास जी द्वारा रचित 18 पुराणो में से एक है। गरुड़ पुराण में 279 अध्याय तथा 18000 श्र्लोक हैं। इस ग्रंथ में मृत्यु पश्चात की घटनाओं, प्रेत लोक, यम लोक,...
श्याम सुन्दर को नजर एक बार श्याम सुन्दर को नजर लग गई। अब मैया बहुत परेशान कि ये नजर कैसे दूर हो तो नन्द गाँव की पुरोहतानी ने कहा अगर, बरसाने की राधा का पुराना कपडा इसे पहना दिया जाए...
आदत खराब नहीं करनी चाहिये प्राचीन समय में एक सेठ-सेठानी थे, सुखी-सम्पन्न थे, पर अकेले ही थे। उन्होंने एक गाय पाल रखी थी, उसकी देखभाल करना, चारा खिलाना और पानी पिलाना–इन सबका दायित्व निर्वाह उनका रामू नाम का एक सेवक...
विद्या बड़ी या बुद्धि? किसी ब्राह्मण के चार पुत्र थे। उनमें परस्पर गहरी मित्रता थी। चारों में से तीन शास्त्रों में पारंगत थे, लेकिन उनमें बुद्धि का अभाव था। चौथे ने शास्त्रों का अध्ययन तो नहीं किया था, लेकिन वह...
धन, सफलता और प्रेम एक औरत ने तीन संतों को अपने घर के सामने देखा। वह उन्हें जानती नहीं थी। औरत ने कहा –“कृपया भीतर आइये और भोजन करिए।” संत बोले – “क्या तुम्हारे पति घर पर हैं?”…..औरत – “नहीं,...
सुखी जीवन का रहस्य एक बार यूनान के मशहूर दार्शनिक सुकरात भ्रमण करते हुए एक नगर में गए। वहाँ उनकी मुलाकात एक वृद्ध सज्जन से हुई, दोनों आपस में काफी घुलमिल गए। वृद्ध सज्जन आग्रहपूर्वक सुकरात को अपने निवास पर...