प्रशंसनीय झूठ
प्रशंसनीय झूठ "मम्मी , मम्मी ! मैं उस बुढिया के साथ स्कूल नहीं जाऊंगा ,ना ही उसके साथ वापस आऊँगा। "मेरे दस वर्ष के बेटे ने गुस्से से अपना स्कूल बैग फेंकते हुए कहा तो मैं बुरी तरह से चौंक...
प्रशंसनीय झूठ "मम्मी , मम्मी ! मैं उस बुढिया के साथ स्कूल नहीं जाऊंगा ,ना ही उसके साथ वापस आऊँगा। "मेरे दस वर्ष के बेटे ने गुस्से से अपना स्कूल बैग फेंकते हुए कहा तो मैं बुरी तरह से चौंक...
उपकार का महत्व जंगल में शेर शेरनी अपने बच्चों को अकेला छोडकर शिकार के लिये दूर तक निकल गये, जब देर तक नही लौटे तो बच्चे भूख से छटपटाने लगे।उसी समय एक बकरी आई उसे दया आई और उसने उन...
एक नेक इंसान एक राजा की आदत थी, कि वह भेस बदलकर लोगों का हाल जान लिया करता था, एक दिन अपने मंत्री के साथ शहर के किनारे पर पहुंचा तो देखा एक आदमी पड़ा है। राजा ने उसको हिलाकर...
कुंभ - प्रकृति हिंदू है कुंभ मेले पर लेख द्वारा लिखा गया था। पृथ्वी ग्रह पर मानवता का सबसे बड़ा जमावड़ा हिंदुओं का सबसे बड़ा धार्मिक जमावड़ा है, यह शुद्ध आनंद और परमानंद है। कोई पशु बलि नहीं, कोई रक्तपात...
लालची चिड़िया एक जंगल में पक्षियों का एक बड़ा सा दल रहता था। रोज सुबह सभी पक्षी भोजन की तलाश में निकलते थे। पक्षियों के राजा ने अपने पक्षियों को कह रखा था कि जिसे भी भोजन दिखाई देगा वह...
सुनहरा घर एक पहाड़ी की तलहटी पर एक बच्चा रहता था। रोज सुबह वह अपने घर की खिड़कियों से दूर बने एक दूसरे घर को देखा करता। उस घर की खिड़कियां सुनहरी थीं। उसे देखकर उसका स्वयं का घर उसे...
भगवान श्री कृष्ण के शरीर के नीले रंग का रहस्य हिन्दू धर्म के अनुसार श्री कृष्ण भगवान विष्णु के 8 वे अवतार कहलाते है तथा अब तक भगवान विष्णु के 23 अवतार हो चुके है. जब-जब इस पृथ्वी पर असुरो...
ससुर या पिता "बेटा तू बच्चों का नाश्ता बना इतने मैं इन्हे तैयार कर देता हूं फिर तू वत्सल का लंच लगा दियो मैं इन्हे बस तक छोड़ आऊंगा!" नरेश जी अपनी बहू दिव्या से बोले। "नहीं नहीं पापा जी...
हम हाथी नहीं इंसान हैं एक आदमी कहीं से गुजर रहा था, तभी उसने सड़क के किनारे बंधे हाथियों को देखा, और अचानक रुक गया। उसने देखा कि हाथियों के अगले पैर में एक रस्सी बंधी हुई है, उसे इस...
अतृप्त मन असंतोषी मन इस संसार का सबसे दुःखी मन है। जिस मन में संतोष नहीं वह बहुत कुछ प्राप्ति के बावजूद भी अतृप्त ही रहेगा। धन के बल पर भोग अवश्य प्राप्त हो जाते हैं मगर तृप्ति की प्राप्ति...