संकटमोचक
संकटमोचक प्रभु का प्रिय बनने के लिए मानव को "सदा श्री राम का हृदय मे ध्यानधर के कृतज्ञ भाव से परसेवा और परमार्थ में निरत रहना चाहिये, दूसरों के संकट की घड़ी में संकटमोचक बन उनके संकटों को अपना संकट...
संकटमोचक प्रभु का प्रिय बनने के लिए मानव को "सदा श्री राम का हृदय मे ध्यानधर के कृतज्ञ भाव से परसेवा और परमार्थ में निरत रहना चाहिये, दूसरों के संकट की घड़ी में संकटमोचक बन उनके संकटों को अपना संकट...
कोयल और कौवा पार्ट 1 -दुश्मनी एक बार कौवों ने एक सभा बुलाई थी। सभी कौवे बहुत क्रोधित थे कि क्यों उनकी तुलना एक कोयल से की जाती है। जिस बात से उन्हें हर जगह अपमानित होना पड़ता है। उस...
संग-का-प्रभाव एक बार एक सैनिक घोड़े पर सवार होकर शिकार के लिए जंगल जा रहा था। रास्ते में डाकुओं की एक बस्ती पड़ी । एक घर के दरवाजे के बाहर लटके पिंजरे में बैठा एक तोता चिल्ला उठा- “भागो, पकड़...
उज्जवल भविष्य की नींव मेरे पति का जौनपुर में ट्रांसफर हुआ था। नया शहर, नए लोग। बेटे का जिस स्कूल में एडमिशन करवाया था, उसी स्कूल के एक विद्यार्थी राघव का घर हमारी कॉलोनी में था। संयोग से वह भी...
सत्यवादी राजा हरिश्चंद्रराजा हरिश्चंद्र की कथा बड़ी कारुणिक, प्रेरणास्पद और लंबी है इसे हम संक्षेप में आपको बता रहे हैं। राजा हरिश्चंद्र अयोध्या के प्रसिद्ध सूर्यवंशी राजा थे जो सत्यव्रत के पुत्र थे। इन्ही के कुल में भगवान श्री राम...
मर्दानी "ये तुम्हारी आवाज़ को क्या होता जा रहा है...एकदम मर्दानी आवाज़ हो गई है। सुबह सुबह दहाड़ना चालू हो जाता है। थोडा़ सा स्त्रियोचित व्यवहार भी कर लिया करो।" मोनिका पतिदेव का कमेंट सुनकर सन्न रह गई। धीरे से...
दीवार पर हाथ के निशान हमारे आदरणीय (जीवन दाता) पिता जी जीवन के आखिरी पड़ाव में है। और ऐसे में अक्सर सबको सहारे की जरुरत पड़ती ही है। एक दिन की बात है पिता जी बाथरूम जाते समय रोज की...
मुश्किल दौर एक बार की बात है, एक कक्षा में गुरूजी अपने सभी छात्रों को समझाना चाहते थे कि प्रकृति सभी को समान अवसर देती है और उस अवसर का इस्तेमाल करके अपना भाग्य खुद बना सकते हैं।इसी बात को...
होनी बहुत बलवान है अभिमन्यु के पुत्र ,राजा परीक्षित थे। राजा परीक्षित के बाद उन के लड़के जनमेजय राजा बने। एक दिन जनमेजय वेदव्यास जी के पास बैठे थे। बातों ही बातों में जन्मेजय ने कुछ नाराजगी से वेदव्यास जी...
घड़ी की सुइयां रामु अपने छोटे से कमरे में गहरी नींद में सोया हुआ था। कमरे के शांत वातावरण में केवल घडी की टिक-टिक की आवाज गूंज रही थी। टेबल पर रखी घड़ी की बड़ी सुई जैसे ही छोटी सुई...