राम मंदिर की जानकारी
राम मंदिर की जानकारी दोस्तों, आज वही पावन एवं ऐतिहासिक दिन है, जब 500 वर्षों से अधिक समय से प्रभु श्रीराम के भव्य मंदिर के लिए चल रहे संघर्ष को विराम मिला। हमारे आराध्यदेव प्रभु श्रीराम के मंदिर निर्माण में...
राम मंदिर की जानकारी दोस्तों, आज वही पावन एवं ऐतिहासिक दिन है, जब 500 वर्षों से अधिक समय से प्रभु श्रीराम के भव्य मंदिर के लिए चल रहे संघर्ष को विराम मिला। हमारे आराध्यदेव प्रभु श्रीराम के मंदिर निर्माण में...
चौबीस घंटों में थोड़ा समय निकालो शुरु-शुरु में उदासी लगेगी, लगने देना, पुराना अभ्यास है! शुरु-शुरु में परेशानी लगेगी, लगने देना। लेकिन एक घड़ी चौबीस घंटे में चुपचाप बैठ जाओ, न कुछ करो, न कुछ गुनो, न माला फेरो, न...
मूर्ति बना रहा हूँ कृष्ण जी एक कटोरे में मिट्टी लेकर उससे खेल रहे ठगे, राधा रानी ने पूछा:- गोपाल जी ये क्या कर रहे हो ?.....गोपाल जी कहने लगे:- मूर्ति बना रहा हूँ। राधा ने पूछा:- किसकी ? गोपालजी...
धन्यवाद संघ 1818 में मराठा साम्राज्य के पतन के बाद सबसे बड़ा प्रश्न यही था कि बहुसंख्यक हिंदू अब किसके भरोसे होंगे, अंग्रेजों का राज कभी तो समाप्त होना ही था। हिंदू जाति में कुछ ऐसा बंटा था कि इसके...
श्रेष्ठ पथ पे सदैव चलें इस दुनिया में सबको एक साथ संतुष्ट करना कभी भी और किसी के लिए भी आसान व संभव नहीं रहा। ऐसा कोई अच्छा कार्य नहीं जो आप करो और कुछ लोगों के लिए वो प्रेरणा...
मृतक का उम्र एक बार एक आदमी किसी गाँव के पास से गुजर रहा था। उस रास्ते में श्मशान भूमि थी, उसने श्मशान भूमि में पत्थरों के ऊपर मरने वाले की उम्र लिखी हुई देखी 5 वर्ष, 8 वर्ष, 10...
लोहे का तराजू एक बार एक व्यापारी को व्यापार के सिलसिले में परदेस जाना था और उसके लिए पैसों की जरूरत थी। वह एक साहूकार के पास गया और उससे पैसे उधार लिए। व्यापारी ने अपनी लोहे की तराजू साहूकार...
व्यक्ति और नर्तकी किसी गाँव में एक धार्मिक व्यक्ति रहता था जो दिन भर लोगों को धर्म का उपदेश दिया करता था। उसी गाँव में एक नर्तकी थी, जो लोगों के सामने नाचकर उनका मन बहलाया करती थी। एक दिन...
भक्त पर मां की कृपा स्वतंत्रता-पूर्व की बात है। वाराणसी के एक साधक थे, सुदर्शन जी। माता दुर्गा के परम भक्त। ब्रह्ममुहूर्त का समय था। वे गंगा जी में कमर तक डूबे जप कर रहे थे। तभी उधर से एक...
अंधे की परख एक राजा का दरबार लगा हुआ था, क्योंकि सर्दी का दिन था इसलिये राजा का दरवार खुले मे लगा हुआ था। पूरी आम सभा सुबह की धूप मे बैठी थी ..महाराज के सिंहासन के सामने…एक शाही मेज...