मुख्य-अतिथि
मुख्य-अतिथि शहर के एक अन्तरराष्ट्रीय प्रसिद्धि के विद्यालय के बग़ीचे में तेज़ धूप और गर्मी की परवाह किये बिना, बड़ी लग्न से पेड़ - पौधों की काट छाँट में लगा था कि तभी विद्यालय के चपरासी की आवाज़ सुनाई दी,...
मुख्य-अतिथि शहर के एक अन्तरराष्ट्रीय प्रसिद्धि के विद्यालय के बग़ीचे में तेज़ धूप और गर्मी की परवाह किये बिना, बड़ी लग्न से पेड़ - पौधों की काट छाँट में लगा था कि तभी विद्यालय के चपरासी की आवाज़ सुनाई दी,...
जय श्री राधे कृष्ण …….." ’ जीवन मे ज्यादा रिश्ते होना जरूरी नहीं है पर जो रिश्ते है उसमे जीवन होना जरूरी है….!! सुप्रभात आज का दिन प्रसन्नता से परिपूर्ण हो.....
भगवान का मंगल विधान ( सत्य घटना)--- पुरानी बात है - कलकत्ते में सर कैलासचन्द्र वसु प्रसिद्ध डॉक्टर हो गये हैं। उनकी माता बीमार थीं। एक दिन श्रीवसु महोदय ने देखा माता की बीमारी बढ़ गयी है, कब प्राण चले...
जय श्री राधे कृष्ण …….." ’सदैव प्रथम स्थान पर रहें, मुस्कराने में प्रशंसा करने में सहयोग करने में क्षमा करने में और अपनी गलती मान लेने में…..!! सुप्रभात आज का दिन प्रसन्नता से परिपूर्ण हो.....
ईश्वर बड़ा ही दयालु है। एक राजा का एक विशाल फलों का बगीचा था। उसमें अनेक प्रकार के फल लगते थे। उस बगीचे की सारी देख-रेख एक किसान अपने परिवार के साथ करता था और वो किसान हर दिन बगीचे...
जय श्री राधे कृष्ण …….." हर सूर्यास्त हमारे जीवन से एक दिन कम कर देता है, लेकिन हर सूर्योदय हमें आशा भरा एक और दिन दे देता है। इसलिए सदैव हर सुबह बेहतर की उम्मीद करें…!! सुप्रभात आज का दिन...
जय श्री राधे कृष्ण …….." सफलता पाने के लिए कभी खुशियो से समझौता न करे..! क्योकि जिंदगी की असली सफलता तो खुशियों को ही अपने दामन में समेटना है….!! सुप्रभात आज का दिन प्रसन्नता से परिपूर्ण हो.....
गुरु पर पूर्ण विश्वासएक बार स्वामी विवेकानंद जी किसी स्थान पर प्रवचन दे रहे थे।.श्रोताओ के बीच एक मंजा हुआ चित्रकार भी बैठा था। उसे व्याख्यान देते स्वामी जी अत्यंत ओजस्वी लगे।.इतने कि वह अपनी डायरी के एक पृष्ठ पर...
जय श्री राधे कृष्ण …….." "कोयल" अपनी भाषा बोलती है इसलिये आज़ाद रहती हैं। किंतु तोता दूसरे कि भाषा बोलता है, इसलिए पिंजरे में जीवन भर गुलाम रहता है। अपनी भाषा,अपना धर्म और अपने आप पर विश्वास करना चाहिए…..!! सुप्रभात...
ट्रेन से उतरकर मास्टर राजबहादुर एस.एस.पी. बंगले की ओर चल दिए। उनकी बहू यहां इस जनपद की एस.एस.पी. थी। उनका बेटा पड़ोस के जिले में डी.एम. था। वे अपने बहू-बेटे से मिलने यहां आए थे। कई साल पहले वे प्राइमरी...