सुविचार
जय श्री राधे कृष्ण ….. " गुणवान मनुष्य के संपर्क में रहकर सामान्य मनुष्य भी गौरव प्राप्त करता है, जैसे की फूलों के हार में रहकर धागा भी मस्तक के ऊपर स्थान प्राप्त करता है…!! सुप्रभात ☀️ आज का दिन...
जय श्री राधे कृष्ण ….. " गुणवान मनुष्य के संपर्क में रहकर सामान्य मनुष्य भी गौरव प्राप्त करता है, जैसे की फूलों के हार में रहकर धागा भी मस्तक के ऊपर स्थान प्राप्त करता है…!! सुप्रभात ☀️ आज का दिन...
भक्तवत्सल श्रीराम एक समय श्रीराम को मुनियों के द्वारा यह समाचार मिलता है कि लंकापति विभीषण द्राविड देश में कैद हैं। भगवान् श्रीराम अब नहीं ठहर सके, वे विभीषण का पता लगाने और उन्हें छुडाने के लिये निकल पड़े। खोजते-खोजते...
जय श्री राधे कृष्ण ….. " जीवन में मुश्किल चीजों से डरने के बजाय उन्हे समझना चाहिए समझिए .जितना अधिक हम समझ जाएंगे उतना ही निडर बनेंगे..!! सुप्रभात ☀️ आज का दिन आपके जीवन मेंप्रसन्नता, सकारात्मकता और मधुर ऊर्जा लेकर...
समझदार दोस्त बहुत समय पहले की बात है, दो अरबी दोस्तों को एक बहुत बड़े खजाने का नक्शा मिला, खजाना किसी रेगिस्तान के बीचो-बीच था। दोनों ने योजना बनाना शुरू की, खजाने तक पहुँचने के लिए बहुत लम्बा समय लगता...
जय श्री राधे कृष्ण ….. " प्रार्थना हमारी आदत होनी चाहिए, ना कि केवल मुश्किल समय का सहारा..!! सुप्रभात ☀️ आज का दिन आपके जीवन मेंप्रसन्नता, सकारात्मकता और मधुर ऊर्जा लेकर आए.…...
शिव हमे क्या सिखाते हैँ शिव हमें सिखाते हैँ की मानव जीवन में चाहे जैसी भी परिस्थिति क्यों न हो, प्रत्येक परिस्थिति में स्थिर रहना ही सबसे बड़ी शक्ति है, जब जीवन हिल रहा हो, लोग बदल रहे हों और...
जय श्री राधे कृष्ण ….. "मुस्कराहट इसलिए नहीं कि खुशियां जिंदगी में ज्यादा हैं बल्कि इसलिए कि जिंदगी से न हारने का वादा है……!! महाशिवरात्रि पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं एवं बधाई सुप्रभात ☀️ आज का दिन आपके जीवन मेंप्रसन्नता, सकारात्मकता...
नेकी का हिसाब सच में चुकता होता है मुंबई—सपनों का शहर। एक ऐसा शहर जहाँ लाखों लोग अपनी आँखों में हज़ारों उम्मीदें लिए हर रोज़ ट्रेन और बसों की भीड़ में अपनी किस्मत आज़माते हैं। यहाँ की रफ़्तार कभी नहीं...
जय श्री राधे कृष्ण ….. " जिस तरह कौआ, कोयल की आवाज़ को दबा सकता है मगर खुद की आवाज़ मधुर नहीं बना सकता, उसी तरह निंदा करने वाला व्यक्ति, सज्जन को बदनाम कर सकता है लेकीन खुद सज्जन नहीं...
तुम एक व्यापारी हो और मैं भी एक भिखारी किसी स्टेशन पर पेंसिलों से भरा कटोरा लेकर बैठा हुआ था। एक युवा व्यवसायी उधर से गुजरा और उसने कटोरे में 50 रूपये डाल दिया, लेकिन उसने कोई पेंसिल नहीं ली।...