सुविचार
जय श्री राधे कृष्ण ……. "परिस्थिति कुछ भी हो, डट कर खड़े रहना चाहिए। सही समय आने पर खट्टी कैरी भी मीठा आम बन ही जाती है…!! सुप्रभात आज का दिन प्रसन्नता से परिपूर्ण हो.....
जय श्री राधे कृष्ण ……. "परिस्थिति कुछ भी हो, डट कर खड़े रहना चाहिए। सही समय आने पर खट्टी कैरी भी मीठा आम बन ही जाती है…!! सुप्रभात आज का दिन प्रसन्नता से परिपूर्ण हो.....
जय श्री राधे कृष्ण ……. "निसिचर निकर पतंग सम रघुपति बान कृसानु, जननी हृदयँ धीर धरु जरे निसाचर जानु……!! भावार्थ:- राक्षसों के समूह पतंगों के समान और श्री रघुनाथ जी के बाण अग्नि के समान हैं। हे माता! हृदय में...
ईसा से लगभग सौ वर्ष पहले उज्जैन के राजा विक्रमादित्य अयोध्या पहुँचे थे। तब तक अयोध्या उजड़ चुकी थी। यहाँ उनकी भेंट तीर्थराज प्रयाग से हुई। तीर्थराज ने उन्हें अयोध्या और सरयू के बारे में बताया। विक्रमादित्य ने अपनी उलझन...
जय श्री राधे कृष्ण ……. "गलत व गलती में बहुत छोटा फर्क होता है। गलत सदा गलत नीयत से ही संभव होता है जबकि गलती सदा भूलवश होती है इसलिए गलतियां तो कीजिये पर गलत किसी के साथ मत कीजिये….!!...
जय श्री राधे कृष्ण ……. "कह कपि हृदयँ धीर धरु माता, सुमिरु राम सेवक सुखदाता, उर आनहु रघुपति प्रभुताई, सुनि मन बचन तजहु कदराई….!! भावार्थ:- हनुमान जी ने कहा- हे माता ! हृदय में धैर्य धारण करो और सेवकों को...
अयोध्या आंदोलन के हनुमान-12 – महंत अवैद्यनाथ महंत अवैद्यनाथ का जन्म 28 मई 1921 को महंत अवैद्यनाथ जी का जन्म ग्राम काण्डी, जिला पौड़ी गढ़वाल, उत्तराखण्ड में श्री राय सिंह बिष्ट के घर हुआ था। आपके बचपन का नाम श्री कृपाल...
जय श्री राधे कृष्ण ……. " रोता वहीं है जिसने रिश्तों को सच्चाई से निभाया हो, वरना मतलब का रिश्ता रखने वाले की आंखों में न तो शर्म होती है और न ही पानी……!! सुप्रभात आज का दिन प्रसन्नता से...
जय श्री राधे कृष्ण ……. "सो मनु सदा रहत तोहि पाही, जानु प्रीति रसु एतनेहि माहीं, प्रभु सन्देसु सुनत बैदेही, मगन प्रेम तन सुधि नहिं तेही……!! भावार्थ:- और वह मन सदा तेरे ही पास रहता है। बस मेरे प्रेम का...
देवरहा बाबा, भारत के उत्तर प्रदेश के देवरिया जनपद में एक योगी, सिद्ध महापुरुष एवं सन्तपुरुष थे। डॉ॰ राजेन्द्र प्रसाद, महामना मदन मोहन मालवीय, पुरुषोत्तमदास टंडन, जैसी विभूतियों ने पूज्य देवरहा बाबा के समय-समय पर दर्शन कर अपने को कृतार्थ अनुभव किया था। पूज्य महर्षि पातंजलि...
जय श्री राधे कृष्ण ……. " दुनिया के तानों से कभी नाराज मत होना, अनजान लोग तो हीरे को भी कांच समझ लेते हैं…!! सुप्रभात आज का दिन प्रसन्नता से परिपूर्ण हो.....