lalittripathi@rediffmail.com
Stories

भय

भय आदरणीय हमारे बंधुओं जी अधिकतर हम अपने घर की सबसे ऊपर छत पर खड़े हो जाते है और नीचे देखते है हमे भय लगता है क्यों जी सही कहा हमने कैसा भय ?.....जैसे हमारे मकान की जड़े यानि नींव...

Quotes

सुविचार-सुन्दरकाण्ड-119

जय श्री राधे कृष्ण ……. "जिन्ह मोहि मारा ते मैं मारे, तेहि पर बांधेउ तनय तुम्हारे, मोहि न कछु बांधे कइ लाजा, कीन्ह चहउँ निज प्रभु कर काजा ।। भावार्थ:- तब जिन्होंने मुझे मारा, उन को मैंने भी मारा ।...

Stories

परमात्मा हर जगह मौजूद है

परमात्मा हर जगह मौजूद है एक प्रसिद्ध साधवी हुई हैं! जवानी में वह बहुत ही खूबसूरत थी।  एक बार चोर उसे उठाकर ले गए और एक वेश्या के कोठे पर ले जाकर उसे बेच दिया। अब उसे वही कार्य करना...

Quotes

सुविचार-सुन्दरकाण्ड-118

जय श्री राधे कृष्ण ……. "खायउँ फल प्रभु लागी भूंखा, कपि स्वभाव तें तोरेउँ रूखा, सब के देह परम प्रिय स्वामी, मारहिं मोहि कुमारग गामी ।। भावार्थ:- हे (राक्षसों के) स्वामी ! मुझे भूख लगी थी, (इसलिए) मैंने फल खाए...

Stories

आनंद में जीना सीखें

आनंद में जीना सीखें     हमें अभाव में भी खुश रहना आना चाहिए क्योंकि जिसको शिकायत करने की आदत पड़ जाए तो सब-कुछ पाने के बाद भी उसका जीवन शिकायतों से ही भरा रहता है।  जीवन क्षणभंगुर है पर इसको क्षणभंगुर...

Quotes

सुविचार-सुन्दरकाण्ड-117

जय श्री राधे कृष्ण ……. "जानउँ मैं तुम्हारि प्रभुताई, सहसबाहु सन परी लराई, समर बालि सन करि जसु पावा, सुन कपि बचन बिहसि बिहरावा ।। भावार्थ:- मैं तुम्हारी प्रभुता को खूब जानता हूँ, सहस्त्रबाहु से तुम्हारी लड़ाई हुईं थी और...

Stories

खोटे सिक्के

खोटे सिक्के सत्य घटना...एक परिचित हैं उन्होंने अपनी बेटी के लिए वर और घर खोजा....ग्रामीण परिवार है तो जमीन जायजाद आदि ठीक ठाक और लड़का भी जमा सो ब्याह पक्का कर दिया...रोके के लिए कुछ करीबी व्यवहारी रिश्तेदार साथ ले...

Quotes

सुविचार-सुन्दरकाण्ड-116

जय श्री राधे कृष्ण ……. "खर दूषन त्रिसिरा अरु बाली, बधे सकल अतुलित बलसाली!! भावार्थ:- जिन्होंने खर, दूषण, त्रिशिरा और बालि को मार डाला, जो सब के सब अतुलनीय बलवान थे ।। जाके बल लवलेस तें जितेहु चराचर झारि, तासु...

Stories

दुःख ईश्वर का प्रसाद है..

दुःख ईश्वर का प्रसाद है.. जब भगवान सृष्टि की रचना कर रहे तो उन्होंने जीव को कहा कि तुम्हे मृतलोक जाना पड़ेगा,मैं सृष्टि की रचना करने जा रहा हूँ…..ये सुन जीव की आँखों मे आंसू आ गए.वो बोला प्रभु कुछ...

Quotes

सुविचार-सुन्दरकाण्ड-115

जय श्री राधे कृष्ण ……. "धरइ जो बिबिध देह सुरत्राता, तुम्ह से सठन्ह सिखावनु दाता, हर कोदंड कठिन जेहिं भंजा, तेहि समेत नृप दल मद गंजा ।। भावार्थ:- जो देवताओं की रक्षा के लिए नाना प्रकार की देह धारण करते...

1 139 140 141 254
Page 140 of 254