lalittripathi@rediffmail.com
Stories

प्यार और विश्वास की डोर

प्यार और विश्वास की डोर अरे ये कप.....ये कप तो नीचे बहु के कमरे मे सजे हुए थे ...ये यहा कैसे आए .....????? बीना अपने पति रमेश से अचरज भरी नजरो से देखते हुए बोली……वो मे लेकर आया हू रमेश...

Quotes

सुविचार-सुन्दरकाण्ड-129

जय श्री राधे कृष्ण ……. "मृत्यु निकट आई खल तोही, लागेसि अधम सिखावन मोही, उलटा होइहि कह हनुमाना, मतिभ्रम तोर प्रगट मैं जाना ।। भावार्थ:- रे दुष्ट! तेरी मृत्यु निकट आ गयी है । अधम! मुझे शिक्षा देने चला है...

Stories

घोडा और सेब

घोडा 🐴 और सेब🍎 एक राजा था, उसने एक सर्वे करने का सोचा कि मेरे राज्य के लोगों की घर गृहस्थी पति से चलती है या पत्नी से...? उसने एक ईनाम रखा कि "  जिसके घर में पति का हुक्म...

Quotes

सुविचार-सुन्दरकाण्ड-128

जय श्री राधे कृष्ण ……. "जदपि कही कपि अति हित बानी, भगति बिबेक बिरति नय सानी, बोला बिहसि महा अभिमानी, मिला हमहि कपि गुर बड़ ग्यानी ।। भावार्थ:- यद्यपि हनुमान जी ने भक्ति, ज्ञान, वैराग्य और नीति से सनी हुई...

Stories

माता पार्वती का महल…लंका

माता पार्वती का महल...लंका एक बार की बात है, देवी पार्वती का मन खोह और कंदराओं में रहते हुए ऊब गया। दो नन्हें बच्चे और तरह तरह की असुविधाएँ। उन्होंने भगवान शंकर से अपना कष्ट बताया और अनुरोध किया कि...

Quotes

सुविचार-सुन्दरकाण्ड-127

जय श्री राधे कृष्ण ……. "मोहमूल बहु सूल प्रद त्यागहु तम अभिमान, भजहु राम रघुनायक कृपा सिंधु भगवान ।। भावार्थ:- मोह ही जिसका मूल है ऐसे (अज्ञान जनित), बहुत पीड़ा देने वाले, तम रूप अभिमान का त्याग कर दो और...

Stories

फूल की तरह खिलाते जाओ, होली पर्व मनाते जाओ

फूल की तरह खिलाते जाओ, होली पर्व मनाते जाओ फाल्गुन का महीना अपने मन को खिलाने वाला होता है , बसंती बयार जब बहती है फूलों की खुशबू अपनी आप ही दूर दूर तक पहुंचनी प्रारंभ हो जाती है…... क्या...

Quotes

सुविचार-सुन्दरकाण्ड-126

जय श्री राधे कृष्ण ……. "सुनु दसकंठ कहउँ पन रोपी, बिमुख राम त्राता नहिं कोपी, संकर सहस बिष्नु आज तोही, सकहिं न राखि राम कर द्रोही ।। भावार्थ:- हे रावण! सुनो, मैं प्रतिज्ञा कर के कहता हूँ कि राम विमुख...

Stories

अहंकार को जलाना सीखना है

अहंकार को जलाना सीखना है होली का दिन आते ही मन में एक नया ही उत्साह का संचार होना प्रारंभ हो जाता है , मन में रंगों की प्रति आकर्षण जागृत होना प्रारंभ हो जाता है देखते देखते होली खेलने...

Quotes

सुविचार-सुन्दरकाण्ड-125

जय श्री राधे कृष्ण ……. "राम बिमुख संपति प्रभुताई, जाइ रही पाई बिनु पाई, सजल मूल जिन्ह सरितन्ह नाहीं, बरषि गए पुनि तबहिं सुखाहीं ।। भावार्थ:- राम विमुख पुरुष की संपत्ति और प्रभुता रही हुईं भी चली जाती है और...

1 137 138 139 254
Page 138 of 254