सुविचार-सुन्दरकाण्ड-312
जय श्री राधे कृष्ण ….. "प्रभु भल कीन्ह मोहि सिख दीन्हीं, मरजादा पुनि तुम्हरी कीन्हीं, ढोल गवाँर सूद्र पसु नारी, सकल ताड़ना के अधिकारी ।। भावार्थ:- प्रभु ने अच्छा किया जो मुझे शिक्षा (दंड) दी, किंतु मर्यादा (जीवों का स्वभाव)...