सुविचार-सुन्दरकाण्ड-145
जय श्री राधे कृष्ण ……. "तात सक्रसुत कथा सुनाएहु, बान प्रताप प्रभुहि समुझाएहु, मास दिवस महुँ नाथु न आवा, तौ पुनि मोहि जिअत नहिं पावा ।। भावार्थ:- हे तात! इन्द्र पुत्र जयंत की कथा (घटना) सुनाना और प्रभु को उनके...
जय श्री राधे कृष्ण ……. "तात सक्रसुत कथा सुनाएहु, बान प्रताप प्रभुहि समुझाएहु, मास दिवस महुँ नाथु न आवा, तौ पुनि मोहि जिअत नहिं पावा ।। भावार्थ:- हे तात! इन्द्र पुत्र जयंत की कथा (घटना) सुनाना और प्रभु को उनके...
दुर्लभ जीवन रेलवे स्टेशन के बाहर सड़क के किनारे कटोरा लिए एक भिखारी लोगों का ध्यान आकर्षित करने के लिए अपने कटोरे में पड़े सिक्कों को हिलाता रहता और साथ-साथ यह गाना भी गाता जाता…..गरीबों की सुनो वो तुम्हारी सुनेगा...
जय श्री राधे कृष्ण ……. "कहेहु तात अस मोर प्रनामा, सब प्रकार प्रभु पूरनकामा, दीन दयाल बिरिदु संभारी, हरहु नाथ मम संकट भारी ।। भावार्थ:- (जानकी जी ने कहा), हे तात! मेरा प्रणाम निवेदन करना और इस प्रकार कहना -...
समर्पण में है सफलता है पुराने समय की बात है। एक ब्रह्मचारी ने कई विद्याओं का अध्ययन पूर्ण कर लिया था। अब वह आत्म विद्या का ज्ञान प्राप्त करना चाहता था। अपनी इस इच्छा की पूर्ति के लिए वह एक...
जय श्री राधे कृष्ण ……. "मातु मोहि दीजे कछु चीन्हा, जैसें रघुनायक मोहि दीन्हा, चूड़ामनि उतारि तब दयऊ, हरष समेत पवनसुत लयऊ ।। भावार्थ:- (हनुमान जी ने कहा) हे माता! मुझे कोई चिन्ह (पहचान) दीजिये, जैसे श्री रघुनाथ जी ने...
अच्छा बेटा या अच्छा पति पंद्रह घंटे का थकान भरा सफर कर चंचल अपने छोटे भाई समीर की शादी अटेंड कर दस दिन बाद आज ही घर आई थी। अपने तीन साल के बेटे प्रिंस को सोफे पर बिठाकर अभी...
जय श्री राधे कृष्ण ……. "पूँछ बुझाइ खोइ श्रम धरि लघु रूप बहोरि, जनकसुता के आगें ठाढ़ भयउ कर जोरि ।। भावार्थ:- पूँछ बुझा कर, थकावट दूर कर के और फिर छोटा सा रूप धारण कर हनुमान जी श्री जानकी...
देवी सती ने ली राम जी की परिक्षा एक बार त्रेतायुग में भोले बाबा अपनी (पहली) पत्नी जगत जननी माता कसती के साथ दक्षिण प्रदेश मे ऋषि अगस्त्य जी के आश्रम गए। एक बार त्रेतायुग माहीं। शंभु गए कुंभज रिषि...
जय श्री राधे कृष्ण ……. "ता कर दूत अनल जेहिं सिरजा, जरा न सो तेहि कारन गिरिजा, उलटि पलटि लंका सब जारी, कूदि परा पुनि सिंधु मझारी ।। भावार्थ:- (शिव जी कहते हैं) हे पार्वती! जिन्होंने अग्नि को बनाया, हनुमान...
लक्ष्य प्राप्ति की राह एक किसान के घर एक दिन उसका कोई परिचित मिलने आया। उस समय वह घर पर नहीं था। उसकी पत्नी ने कहा: वह खेत पर गए हैं। मैं बच्चे को बुलाने के लिए भेजती हूं। तब...