lalittripathi@rediffmail.com

Lalit Tripathi

Lalit Tripathi
2539 posts
सामान्य (ऑर्डिनरी) इंसान की असमान्य (एक्स्ट्रा ऑर्डिनरी) इंसान बनने की यात्रा
Stories

हनुमानजी की अद्भुत पराक्रम कथा

हनुमानजी की अद्भुत पराक्रम कथा राम रावण युद्ध के समय जब रावण ने देखा कि हमारी पराजय निश्चित है तो उसने अपने 60 हजार अमर राक्षसों को बुलाकर रणभूमि में भेजने का आदेश दिया ! ये ऐसे थे जिनको काल...

Quotes

सुविचार-सुन्दरकाण्ड-217

जय श्री राधे कृष्ण ….. "जिअसि सदा सठ मोर जिआवा, रिपु कर पच्छ मूढ़ तोहि भावा, कहसि न खल अस को जग माहीं, भुज बल जाहि जिता मैं नाहीं ।। भावार्थ:- अरे मूर्ख ! तू जीता तो है सदा मेरा...

Stories

“यह एक शिक्षक के जीवन की अंतिम शाम थी”

"यह एक शिक्षक के जीवन की अंतिम शाम थी" एक शिक्षक के नाते इस कहानी को जरूर पढ़िएगा:- दिनकर सर .....अपने  विद्यार्थियों के बीच  काफी लोकप्रिय  एक सेवा निवृत शिक्षक।   3 दिन पूर्व ही  शहर के एक अस्पताल में इलाज...

Quotes

सुविचार-सुन्दरकाण्ड-216

जय श्री राधे कृष्ण ….. "बुध पुरान श्रुति संमत बानी, कही बिभीषन नीति बखानी, सुनत दसानन उठा रिसाई, खल तोहिं निकट मृत्यु अब आई ।। भावार्थ:- विभीषण ने पंडितों, पुराणों और वेदों द्वारा सम्मत (अनुमोदित) वाणी से नीति बखान कर...

Stories

जब जागो तभी सवेरा

जब जागो तभी सवेरा बड़े आक्रोश में घर में घुसते ही कावेरी को आँगन में काम करती हुई केया भाभी दिखाई पड़ीं पड़ी तो पूछा, "भाभी मम्मी किधर हैं?"……"अरे! दीदी प्रणाम। अचानक आगमन आपका! क्या बात है दीदी? न हाय...

Quotes

सुविचार-सुन्दरकाण्ड-215

जय श्री राधे कृष्ण ….. "तात चरन गहि मागउँ राखहु मोर दुलार, सीता देहु राम कहुँ अहित न होइ तुम्हार ।। भावार्थ:- हे तात! मैं चरण पकड़ कर आप से भीख माँगता हूँ (विनती करता हूँ), कि आप मेरा दुलार...

Stories

हाँ मेरी मेघा बेटी

हाँ मेरी मेघा बेटी शादी के लिए देखने गई मां ने समधन से कहा, शुभम मेरा एकलौता बेटा है, जैसा नाम वैसा गुण । जब जब मैं दूसरा बच्चा न होने के लिए उदास होती तो रमेश कहते, ईश्वर ने...

Quotes

सुविचार-सुन्दरकाण्ड-214

जय श्री राधे कृष्ण ….. "तव उर कुमति बसी बिपरीता, हित अनहित मानहु रिपु प्रीता, कालराति निसिचर कुल केरी, तेहि सीता पर प्रीति घनेरी ।। भावार्थ:- आप के हृदय में उल्टी बुद्धि आ बसी है । इसी से आप हित...

Stories

आज वो घर पर है

आज वो घर पर है घर जाने के लिए निकला। अशांत और विचलित मन लिए सब्जी मंडी पहुँचा कुछ सब्जियाँ खरीदीं। आज कुछ देर हो गई थी तो घर पहुँचकर खिचड़ी अथवा मैगी बना लेने का विचार चल रहा था।...

Quotes

सुविचार-सुन्दरकाण्ड-213

जय श्री राधे कृष्ण ….. "सुमति कुमति सब कें उर रहही, नाथ पुरान निगम अस कहहीं, जहाँ सुमति तहँ संपति नाना, जहाँ कुमति तहँ बिपति निदाना ।। भावार्थ:- हे नाथ! पुराण और वेद ऐसा कहते हैं कि सुबुद्धि (अच्छी बुद्धि)...

1 119 120 121 254
Page 120 of 254