lalittripathi@rediffmail.com

Lalit Tripathi

Lalit Tripathi
2538 posts
सामान्य (ऑर्डिनरी) इंसान की असमान्य (एक्स्ट्रा ऑर्डिनरी) इंसान बनने की यात्रा
Stories

परिपक्वता

परिपक्वता   परिपक्वता क्या है????   बहुत अच्छे से समझाया गया है ,कृपया अवश्य पढ़िए :--- 1. परिपक्वता वह है - जब आप दूसरों को बदलने का प्रयास करना बंद कर दे, इसके बजाय स्वयं को बदलने पर ध्यान केन्द्रित करें।...

Quotes

सुविचार-सुन्दरकाण्ड-242

जय श्री राधे कृष्ण ….. "श्रवन सुजसु सुनि आयउँ प्रभु भंजन भव भीर,त्राहि त्राहि आरति हरन सरन सुखद रघुबीर ।। भावार्थ:- मैं कानों से आप का सुयश सुनकर आया हूँ कि प्रभु भव (जन्म-मरण) के भय का नाश करने वाले...

Stories

जीवन में परेशानीयां तो लगी ही रहेंगी

जीवन में परेशानीयां तो लगी ही रहेंगी    एक व्यक्ति था. उसके पास नौकरी, घर-परिवार, रुपया-पैसा, रिश्तेदार और बच्चे सभी कुछ था। कहने का सार यह है उस व्यक्ति के पास किसी चीज़ की कोई कमी नही थी। अब जीवन...

Quotes

सुविचार-सुन्दरकाण्ड-241

जय श्री राधे कृष्ण ….. "नाथ दसानन कर मैं भ्राता, निसिचर बंस जनम सुरत्राता, सहज पापप्रिय तामस देहा, जथा उलूकहि तम पर नेहा ।। भावार्थ:- हे नाथ ! मैं दशमुख रावण का भाई हूँ । हे देवताओं के रक्षक !...

Stories

“हां….यही प्यार है….

"हां....यही प्यार है.... लीजिए आपका नींबू पानी.....मुस्कुराते हुए सुधा ने रोज की तरह मार्निंग वाक से लौटे अपने पति मोहन से कहा थैंक्स यार .... कहते हुए मोहन ने भी मुस्कुराते हुए नींबू पानी लिया और घट घट करते हुए...

Quotes

सुविचार-सुन्दरकाण्ड-240

जय श्री राधे कृष्ण ….. "सिंघ कंध आयत उर सोहा, आनन अमित मदन मन मोहा, नयन नीर पुलकित अति गाता, मन धरि धीर कही मृदु बाता ।। भावार्थ:- सिंह के से कंधे हैं, विशाल वक्ष:स्थल (चौड़ी छाती) अत्यन्त शोभा दे...

Stories

मायका हमेशा सलामत रहे

मायका हमेशा सलामत रहे माँ के स्वर्ग सिधारने के बाद जब तेरहवी भी निमट गई तब नम आँखों से चारु ने अपने भाई से विदा ली।" सब काम निमट गये भैया माँ चली गई अब मैं चलती हूँ भैया !"...

Quotes

सुविचार-सुन्दरकाण्ड-239

जय श्री राधे कृष्ण ….. "बहुरि राम छबिधाम बिलोकी, रहेउ ठटुकि एकटक पल रोकी, भुज प्रलंब कंजारुन लोचन, स्यामल गात प्रनत भय मोचन ।। भावार्थ:- फिर शोभा के धाम श्री राम जी को देख कर वे पलक (मारना) रोक कर...

Stories

प्रेम और स्वास्थ्य

प्रेम और स्वास्थ्य आज हर मनुष्य को कोई ना कोई रोग लगा हुआ है । एक रोग का इलाज करवाते है तो दूसरा  रोग उठ खड़ा  होता है ।  रोग की  जड़ हमारे विचार  है ।  मुझे जल्दी सर्दी हो...

Quotes

सुविचार-सुन्दरकाण्ड-238

जय श्री राधे कृष्ण ….. "सादर तेहिं आगें करि बानर, चले जहाँ रघुपति करुनाकर, दूरिहि ते देखे द्वौ भ्राता, नयनानंद दान के दाता।। भावार्थ:- विभीषण जी को आदर सहित आगे कर के वानर फिर वहाँ चले, जहाँ करूणा की खान...

1 114 115 116 254
Page 115 of 254