सुविचार-सुन्दरकाण्ड-
जय श्री राधे कृष्ण ….. "अहोभाग्य मम अमित अति राम कृपा सुख पुंज, देखेउँ नयन बिरंचि सिव सेब्य जुगल पद कंज ।। भावार्थ:- हे कृपा और सुख के पुंज श्री राम जी! मेरा अत्यंत असीम सौभाग्य है, जो मैंने ब्रह्मा...
जय श्री राधे कृष्ण ….. "अहोभाग्य मम अमित अति राम कृपा सुख पुंज, देखेउँ नयन बिरंचि सिव सेब्य जुगल पद कंज ।। भावार्थ:- हे कृपा और सुख के पुंज श्री राम जी! मेरा अत्यंत असीम सौभाग्य है, जो मैंने ब्रह्मा...
कृष्ण और रामनाम महिमा कृष्ण और रामनाम की शक्ति व महिमा इतनी अगाध है कि हम इसकी कल्पना भी नहीं कर सकते! कृष्ण नाम महा-पापियों का भी उधार करता है, जैसे कि अजामिल। जब अजामिल ने 'नारायण' नाम पुकारा, तो...
जय श्री राधे कृष्ण ….. "मैं निसिचर अति अधम सुभाऊ, सुभ आचरनु कीन्ह नहिं काऊ, जासु रुप मुनि ध्यान न आवा, तेहिं प्रभु हरषि हृदयँ मोहि लावा ।। भावार्थ:- मैं अत्यंत नीच स्वभाव का राक्षस हूँ। मैंने कभी शुभ आचरण...
सबसे कठिन दायित्व.. कन्हैया! इतनी देर क्यों लगा दी सखा? तब आये जब मैं पराजित हो गयी थी?……--तुमने बुलाया ही नहीं सखी। जैसे ही मुझे पुकारा, मैं सबकुछ छोड़ कर दौड़ा चला आया। और देखो तो, समय रहते आ गया...
जय श्री राधे कृष्ण ….. "अब मैं कुसल मिटे भय भारे, देखि राम पद कमल तुम्हारे, तुम्ह कृपाल जा पर अनुकूला, ताहि न ब्याप त्रिबिध भव सूल ।। भावार्थ:- हे श्री राम जी! आपके चरण विंद के दर्शन कर अब...
गोपी के गोपाल एक छोटा सा पांच साल का बालक था गोपी। वह अपनी मां के साथ रहता था। उसकी मां मेहनत मजदूरी का काम करती थी । गोपी इसी साल से जंगल के रास्ते से पाठशाला में पढ़ने जाता...
जय श्री राधे कृष्ण ….. "ममता तरुन तमी अँधिआरी, राग द्वेष उलूक सुखकारी, तब लगि बसति जीव मन माहीं, जब लगि प्रभु प्रताप रबि नाहीं ।। भावार्थ:- ममता पूर्ण अंधेरी रात है, जो राग -द्वेष रूपी उल्लुओं को सुख देने...
प्रार्थना की शक्ति एक व्यक्ति गाड़ी से उतरा… और बड़ी तेज़ी से एयरपोर्ट में घुसा, जहाज़ उड़ने के लिए तैयार था, उसे किसी कार्यकर्म मे पहुंचना था जो खास उसी के लिए आयोजित की जा रही था… वह अपनी सीट...
जय श्री राधे कृष्ण ….. "तब लगि हृदयँ बसत खल नाना, लोभ मोह मच्छर मद माना, जब लगि उर न बसत रघुनाथा, धरें चाप सायक कटि भाथा ।। भावार्थ:- लोभ, मोह, मत्सर (डाह), मद और मान आदि अनेकों दुष्ट तभी...
मम्मी पापा की गलतियों का खामियाजा बच्चे भरते है सुबह के साढ़े सात बजे जब निधि स्कूल के लिए तैयार हुई तो चुपके से ऊपर मम्मी के बेडरूम में गई। धीरे से डोर सरकाया तो देखा कि सारा सामान बिखरा...