सुविचार-सुन्दरकाण्ड-219
जय श्री राधे कृष्ण ….. "उमा संत कइ इहइ बड़ाई, मंद करत जो करइ भलाई, तुम्ह पितु सरिस भलेहिं मोहि मारा, रामु भजें हित नाथ तुम्हारा ।। भावार्थ:- (शिव जी कहते हैं), हे उमा, संत की यही बड़ाई (महिमा) है...
जय श्री राधे कृष्ण ….. "उमा संत कइ इहइ बड़ाई, मंद करत जो करइ भलाई, तुम्ह पितु सरिस भलेहिं मोहि मारा, रामु भजें हित नाथ तुम्हारा ।। भावार्थ:- (शिव जी कहते हैं), हे उमा, संत की यही बड़ाई (महिमा) है...
मानवता का गुण एक किसान के पास बहुत पिल्ले थे तो वह कुछ पिल्लो को बेचना चाहता था. उसने घर के बाहर बिक्री का बोर्ड लगा दिया. एक दिन दस साल का बच्चा किसान के दरवाजे पर आया और बोला...
जय श्री राधे कृष्ण ….. "मम पुर बसि तपसिन्ह पर प्रीती, सठ मिलु जाइ तिन्हहि कहु नीती, अस कहि कीन्हेसि चरन प्रहारा, अनुज गहे पद बारहिं बारा ।। भावार्थ:- मेरे नगर में रह कर प्रेम करता है तपस्वियों पर ।...
हनुमानजी की अद्भुत पराक्रम कथा राम रावण युद्ध के समय जब रावण ने देखा कि हमारी पराजय निश्चित है तो उसने अपने 60 हजार अमर राक्षसों को बुलाकर रणभूमि में भेजने का आदेश दिया ! ये ऐसे थे जिनको काल...
जय श्री राधे कृष्ण ….. "जिअसि सदा सठ मोर जिआवा, रिपु कर पच्छ मूढ़ तोहि भावा, कहसि न खल अस को जग माहीं, भुज बल जाहि जिता मैं नाहीं ।। भावार्थ:- अरे मूर्ख ! तू जीता तो है सदा मेरा...
"यह एक शिक्षक के जीवन की अंतिम शाम थी" एक शिक्षक के नाते इस कहानी को जरूर पढ़िएगा:- दिनकर सर .....अपने विद्यार्थियों के बीच काफी लोकप्रिय एक सेवा निवृत शिक्षक। 3 दिन पूर्व ही शहर के एक अस्पताल में इलाज...
जय श्री राधे कृष्ण ….. "बुध पुरान श्रुति संमत बानी, कही बिभीषन नीति बखानी, सुनत दसानन उठा रिसाई, खल तोहिं निकट मृत्यु अब आई ।। भावार्थ:- विभीषण ने पंडितों, पुराणों और वेदों द्वारा सम्मत (अनुमोदित) वाणी से नीति बखान कर...
जब जागो तभी सवेरा बड़े आक्रोश में घर में घुसते ही कावेरी को आँगन में काम करती हुई केया भाभी दिखाई पड़ीं पड़ी तो पूछा, "भाभी मम्मी किधर हैं?"……"अरे! दीदी प्रणाम। अचानक आगमन आपका! क्या बात है दीदी? न हाय...
जय श्री राधे कृष्ण ….. "तात चरन गहि मागउँ राखहु मोर दुलार, सीता देहु राम कहुँ अहित न होइ तुम्हार ।। भावार्थ:- हे तात! मैं चरण पकड़ कर आप से भीख माँगता हूँ (विनती करता हूँ), कि आप मेरा दुलार...
हाँ मेरी मेघा बेटी शादी के लिए देखने गई मां ने समधन से कहा, शुभम मेरा एकलौता बेटा है, जैसा नाम वैसा गुण । जब जब मैं दूसरा बच्चा न होने के लिए उदास होती तो रमेश कहते, ईश्वर ने...