lalittripathi@rediffmail.com
Quotes

सुविचार-सुन्दरकाण्ड-198

281Views

जय श्री राधे कृष्ण …….

अस कहि बिहसि ताहि उर लाई, चलेउ सभा ममता अधिकाई, मंदोदरी हृदयँ कर चिंता, भयउ क़ंत पर बिधि बिपरीता ।।

भावार्थ:- रावण ने ऐसा कह कर हँस कर उसे हृदय से लगा लिया और ममता बढ़ा कर (अधिक स्नेह दर्शा कर) वह सभा में चला गया । मंदोदरी हृदय में चिन्ता करने लगी कि पति पर विधाता प्रतिकूल हो गए….!!

सुप्रभात

आज का दिन प्रसन्नता से परिपूर्ण हो..

Lalit Tripathi
the authorLalit Tripathi
सामान्य (ऑर्डिनरी) इंसान की असमान्य (एक्स्ट्रा ऑर्डिनरी) इंसान बनने की यात्रा

Leave a Reply