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सुविचार-सुन्दरकाण्ड-181

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जय श्री राधे कृष्ण …….

कपिपति बेगि बोलाए आए जूथप जूथ, नाना बरन अतुल बल बानर भालु बरुथ ।।

भावार्थ:- वानर राज सुग्रीव ने शीघ्र ही वानरों को बुलाया, सेनापतियों के समूह आ गये । वानर – भालुओं के झुंड अनेक रंगों के हैं और उनमें अतुलनीय बल है…..!

दीन दयाल बिरिदु संभारी ।
हरहु नाथ मम संकट भारी ।।

सुप्रभात

आज का दिन प्रसन्नता से परिपूर्ण हो..

Lalit Tripathi
the authorLalit Tripathi
सामान्य (ऑर्डिनरी) इंसान की असमान्य (एक्स्ट्रा ऑर्डिनरी) इंसान बनने की यात्रा

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