lalittripathi@rediffmail.com
Stories

सुविचार-सुन्दरकाण्ड-181

245Views

जय श्री राधे कृष्ण …….

कपिपति बेगि बोलाए आए जूथप जूथ, नाना बरन अतुल बल बानर भालु बरुथ ।।

भावार्थ:- वानर राज सुग्रीव ने शीघ्र ही वानरों को बुलाया, सेनापतियों के समूह आ गये । वानर – भालुओं के झुंड अनेक रंगों के हैं और उनमें अतुलनीय बल है…..!

दीन दयाल बिरिदु संभारी ।
हरहु नाथ मम संकट भारी ।।

सुप्रभात

आज का दिन प्रसन्नता से परिपूर्ण हो..

Lalit Tripathi
the authorLalit Tripathi
सामान्य (ऑर्डिनरी) इंसान की असमान्य (एक्स्ट्रा ऑर्डिनरी) इंसान बनने की यात्रा

Leave a Reply