lalittripathi@rediffmail.com
Quotes

सुविचार-सुन्दरकाण्ड-107

246Views

जय श्री राधे कृष्ण …….

ब्रम्हबान कपि कहुँ तेहिं मारा, परितिहुं बार कटक संघारा, तेहिं देखा कपि मुरुछित भयऊ, नागपास बांधेसि लै गयऊ ।।

भावार्थ:- उसने हनुमान जी को ब्रह्म बाण मारा, जिसके लगते ही वे वृक्ष से नीचे गिर पड़े, परंतु गिरते समय भी उन्होंने बहुत सी सेना मार डाली । जब उस ने देखा कि हनुमान जी मूर्छित हो गये हैं, तब वह उन को नागपाश से बांध कर ले गया….!!

सुप्रभात

आज का दिन प्रसन्नता से परिपूर्ण हो..

Lalit Tripathi
the authorLalit Tripathi
सामान्य (ऑर्डिनरी) इंसान की असमान्य (एक्स्ट्रा ऑर्डिनरी) इंसान बनने की यात्रा

Leave a Reply