कल्पना-की-समझदारी
कल्पना-की-समझदारी जमींदार सुदेश की एक कन्या थी । उसका नाम कल्पना था । एक बार कल्पना सहेलियों के साथ खेल रही थी । बातों-बातों में उसने सहेलियों से कहा ,‘‘मैं उसी लड़के के साथ शादी करूंगी जो हमेशा मेरा कहना...
कल्पना-की-समझदारी जमींदार सुदेश की एक कन्या थी । उसका नाम कल्पना था । एक बार कल्पना सहेलियों के साथ खेल रही थी । बातों-बातों में उसने सहेलियों से कहा ,‘‘मैं उसी लड़के के साथ शादी करूंगी जो हमेशा मेरा कहना...
जय श्री राधे कृष्ण ….. " अप्प दीपो भव' का मतलब है, 'अपना दीपक स्वयं बनो'. यह महात्मा बुद्ध का...
मान सम्मान अनुराधा जी बहुत खुश थी जब उन्होंने सुना कि उनकी बेटी नताशा के बेटे वरुण का विवाह एक...
जय श्री राधे कृष्ण ….. " दुःख" का कारण "कर्म" का अभाव है,"सुख" का कारण "कर्म" का प्रभाव है और...
सतत् सुमिरन एक ऋषि लोटा रोज मांजते थे, एक शिष्य ने उनसे कहा कि गुरुवर लोटे को रोज माँजने की...
राम मुस्कुराकर रह गए शबरी को आश्रम सौंपकर महर्षि मतंग जब देवलोक जाने लगे, तब शबरी भी साथ जाने की...
जय श्री राधे कृष्ण ….. " बड़ा आदमी बनना अच्छी बात है लेकिन अच्छा आदम बनना; बहुत बड़ी बात है..!!...
कथावाचक- पूज्यनीय रामचंद्र डोंगरे जी महाराज एक ऐसे कथावाचक जिनके पास पत्नी के अस्थि विसर्जन तक के लिए पैसे नहीं...
जय श्री राधे कृष्ण ….. " हमारा दिमाग इस दुनिया का सबसे बडा इच्छापूर्ती वृक्ष है इससे जो भी मांगोगे...