अंधे की परख
अंधे की परख एक राजा का दरबार लगा हुआ था, क्योंकि सर्दी का दिन था इसलिये राजा का दरवार खुले मे लगा हुआ था। पूरी आम सभा सुबह की धूप मे बैठी थी ..महाराज के सिंहासन के सामने…एक शाही मेज...
अंधे की परख एक राजा का दरबार लगा हुआ था, क्योंकि सर्दी का दिन था इसलिये राजा का दरवार खुले मे लगा हुआ था। पूरी आम सभा सुबह की धूप मे बैठी थी ..महाराज के सिंहासन के सामने…एक शाही मेज...
करुणासिक्त साधुमन: स्वामी विवेकानंद जी को अमेरिका में व्याख्यान हेतु आमन्त्रण मिला। स्वामी जी जाने से पहले गुरु माँ शारदा(स्वामी...
जय श्री राधे कृष्ण ….. " ज़िंदगी उन्हीं की रंगीन होती है,जो समय के साथ ख़ुद को सँवारना और रंगों...
कर्म की गति एक कारोबारी सेठ सुबह सुबह जल्दबाजी में घर से बाहर निकल कर ऑफिस जाने के लिए कार...
मछली-मछला एक झील में एक मछली अपने माता-पिता (पूर्ण व्यस्क मछली-मछला) के साथ रहती थी। उसके माता-पिता की सख्त हिदायत...
जय श्री राधे कृष्ण ….. " काम बिगड़ा* हो तो सुधर जाएगा,बात बिगड़ी हो तो बन जाएगी, परन्तु जिसकी सोच...
भरोसा भगवान पर एक संत एक छोटे से आश्रम का संचालन करते थे। एक दिन पास के रास्ते से एक...