सुविचार-सुन्दरकाण्ड-5
जय श्री राधे कृष्ण …….. " हनूमान तेहि परसा कर पुनि कीन्ह प्रनाम , राम काजु कीन्हें बिनु मोहि कहाँ बिश्राम…!! भावार्थ:- हनुमान जी ने उसे हाथ से छू दिया, फिर प्रणाम करके कहा - भाई! श्री रामचंद्र जी का...
जय श्री राधे कृष्ण …….. " हनूमान तेहि परसा कर पुनि कीन्ह प्रनाम , राम काजु कीन्हें बिनु मोहि कहाँ बिश्राम…!! भावार्थ:- हनुमान जी ने उसे हाथ से छू दिया, फिर प्रणाम करके कहा - भाई! श्री रामचंद्र जी का...
प्रत्येक महान कार्य को तीन अवस्थाओं से गुजरना पड़ता है- उपहास, विरोध और स्वीकृति। उपहास- मानव मन का एक स्वभाव...
जय श्री राधे कृष्ण …….. " ख़ुद पर भरोसा करना परिंदों से सीखना चाहिए, जब वो शाम को वापस, घोंसलों...
जय श्री राधे कृष्ण …….. " जेहिं गिरि चरन देइ हनुमंता , चलेउ सो गा पाताल तुरंता , जिमि अमोघ...
विषम-परिस्थिति एक युवक को उसके विद्यालय में सहपाठी और शिक्षक बहुत पसंद करते थे, क्योंकि दिव्यांग होने के बावजूद वह...
जय श्री राधे कृष्ण …….. " सिंधु तीर एक भूधर सुन्दर, कौतुक कूदि चढ़ेउ ता ऊपर, बार बार रघुबीर संभारी,...
ॐ जय जगदीश हरे हमारे हिंदुस्तान में शायद कोई भी सनातनी हिंदू ऐसा नहीं होगा जिसने आरती "ॐ जय जगदीश...
जय श्री राधे कृष्ण …….. " जब लगि आवौं सीता देखी, होइहि काजु मोहि हरष बिसेषी, यह कहि नाइ सबन्हि...
सबसे बड़ा तीर्थ एक बार एक चोर जब मरने लगा तो उसने अपने बेटे को बुलाकर एक नसीहत दी:-” अगर...
जय श्री राधे कृष्ण …….. " प्रेरणा सदैव लहरों से लेनी चाहिए, इसलिए नहीं कि वे उठती है और गिर...