सुविचार-सुन्दरकाण्ड-97
जय श्री राधे कृष्ण ……. "चलेउ नाइ सिरु पैठेउ बागा, फल खाएसि तरुतोरैं लागा, रहे जहाँ बहु भट रखवारे, कछु मारेसि कछु जाइ पुकारे ।। भावार्थ:- वे सीता जी को सिर नवा कर चले और बाग में घुस गये ।...
जय श्री राधे कृष्ण ……. "चलेउ नाइ सिरु पैठेउ बागा, फल खाएसि तरुतोरैं लागा, रहे जहाँ बहु भट रखवारे, कछु मारेसि कछु जाइ पुकारे ।। भावार्थ:- वे सीता जी को सिर नवा कर चले और बाग में घुस गये ।...
कृतज्ञता के आंसु- स्कूटी बहुत दिनो से स्कूटी का उपयोग नही होने से, विचार आया Olx पे बेच दें,कीमत Rs...
जय श्री राधे कृष्ण ……. "तिन्ह कर भय माता मोहि नाही, जौ तुम्ह सुख मानहु मन माही……!! भावार्थ: - (हनुमान...
हमें जागना होगा एक आदमी एक मुर्गा खरीद कर लाया। एक दिन वह मुर्गे को मारना चाहता था, इसलिए उस...
जय श्री राधे कृष्ण ……. "*सदा दूसरों के कामों को *प्रोत्साहन* दें और उनकी हर संभव मदद करें तभी हमारी...
जय श्री राधे कृष्ण ……. "सुनहु मातु मोहि अतिसय भूखा, लागि देखि सुन्दर फल रुखा, सुनु सुत करहिं बिपिन रखवारी,...
शिक्षा का निचोड़ काशी में गंगा के तट पर एक संत का आश्रम था। एक दिन उनके एक शिष्य ने...
जय श्री राधे कृष्ण ……. "जीवन में कितनी भी विपत्ती आये अपना संयम रखना चाहिए क्योंकि कैसी भी विपत्ती हो...
जय श्री राधे कृष्ण ……. "बार बार नाएसि पद सीसा, बोला बचन जोरि कर कीसा, अब कृतकृत्य भयउँ मैं माता,...
खरगोश और लोमड़ी- सर्टिफिकेट एक दिन जंगल में एक लोमड़ी ने एक खरगोश को पकड़ लिया। वह उसे खाने ही...