सुविचार-सुन्दरकाण्ड-41
जय श्री राधे कृष्ण ……. कहहु कवन मैं परम कुलीना, कपि चंचल सबहीं बिधि हीना, प्रात लेइ जो नाम हमारा, तेहि दिन ताहि न मिलै अहारा….!! भावार्थ:- भला कहिये, मै ही कौन बड़ा कुलीन हूँ ? (जाति का) चंचल वानर...
जय श्री राधे कृष्ण ……. कहहु कवन मैं परम कुलीना, कपि चंचल सबहीं बिधि हीना, प्रात लेइ जो नाम हमारा, तेहि दिन ताहि न मिलै अहारा….!! भावार्थ:- भला कहिये, मै ही कौन बड़ा कुलीन हूँ ? (जाति का) चंचल वानर...
तप का प्रभाव एक बार पृथ्वी पर जल-वृष्टि न होने के कारण चारों ओर अकाल फैला हुआ था| सरिता, ताल-तलैया...
जय श्री राधे कृष्ण ……. जौं रघुबीर अनुग्रह कीन्हा, तौ तुम्ह मोहि दरसु हठि दीन्हा, सुनहु बिभीषन प्रभु कै रीती,...
चरण स्पर्श चरण स्पर्श करने का वैज्ञानिक रहस्य जान जाओगे तो प्रतिदिन अपने बच्चों को यह सीख दोंगे। अपने से...
जय श्री राधे कृष्ण ……. तामस तनु कछु साधन नाहीं, प्रीति न पद सरोज मन माहीं, अब मोहि भा भरोस...
सकारात्मक" अभ्यास.... एक महिला और उसका पति एक सर्कस में काम करते थे। महिला स्टेज में एक जगह खड़ी हो...
जय श्री राधे कृष्ण ……. सुनहु पवनसुत रहनि हमारी, जिमि दसनन्हि महुँ जीभ बिचारी, तात कबहु मोहि जानि अनाथा, करिहहिं...
जय श्री राधे कृष्ण ……. तब हनुमंत कही सब राम कथा निज नाम, सुनत जुगल तन पुलक मन मगन सुमिरि...