सुविचार
जय श्री राधे कृष्ण ….. " छल, कपट और पाप सिर्फ उतना ही करना चाहिए जितना भुगतने का सामर्थ्य हो…!! सुप्रभात आज का दिन प्रसन्नता से परिपूर्ण हो.....
जय श्री राधे कृष्ण ….. " छल, कपट और पाप सिर्फ उतना ही करना चाहिए जितना भुगतने का सामर्थ्य हो…!! सुप्रभात आज का दिन प्रसन्नता से परिपूर्ण हो.....
वाल्मीकि रामायण -भाग 41रावण के महल में हर ओर खोजने पर भी जब सीता नहीं दिखाई दीं, तो हनुमान जी...
वाल्मीकि रामायण -भाग 40समुद्र पार करके हनुमान जी लंका के त्रिकूट पर्वत पर उतरे और नगर में प्रवेश करने से...
जय श्री राधे कृष्ण ….. " रावण मरे या ना मरे किन्तु मेरे अन्दर का राम सदैव जीवित रहना चाहिए..!...
जय श्री राधे कृष्ण ….. " दयालुता से व्यवहार करें, प्यार से बात करें और नम्रता से काम करें; तो...
वाल्मीकि रामायण -भाग 39 यहाँ से सुन्दरकाण्ड आरंभ हो रहा है। समुद्र पार करने हेतु सौ योजन की छलांग लगाने...
जय श्री राधे कृष्ण ….. " अपनों से अपनापन चाहते हैं तो बेवजह भी मिलते रहें क्योंकि कई रिश्ते केवल...
वाल्मीकि रामायण -भाग 38 समुद्र तट पर दुःखी बैठे उन वानरों को रोता देख उस गिद्ध ने अपने आप से...
जय श्री राधे कृष्ण ….. "रिश्ते हमेशा "हम" से ही बनते हैं। "मैं" कभी भी किसी रिश्ते को नही बनाता।…..!!...