ॐ जय जगदीशहरे
ॐ जय जगदीश हरे हमारे हिंदुस्तान में शायद कोई भी सनातनी हिंदू ऐसा नहीं होगा जिसने आरती "ॐ जय जगदीश हरे" नहीं सुना अथवा गाया होगा. लेकिन, क्या आप जानते हैं कि.... प्रसिद्ध आरती "ॐ जय जगदीश हरे" ….कहाँ से...
ॐ जय जगदीश हरे हमारे हिंदुस्तान में शायद कोई भी सनातनी हिंदू ऐसा नहीं होगा जिसने आरती "ॐ जय जगदीश हरे" नहीं सुना अथवा गाया होगा. लेकिन, क्या आप जानते हैं कि.... प्रसिद्ध आरती "ॐ जय जगदीश हरे" ….कहाँ से...
सबसे बड़ा तीर्थ एक बार एक चोर जब मरने लगा तो उसने अपने बेटे को बुलाकर एक नसीहत दी:-” अगर तुझे चोरी करनी है तो किसी गुरुद्वारा, धर्मशाला या किसी धार्मिक स्थान में मत जाना बल्कि इनसे दूर ही रहना...
एक बार एक व्यक्ति को रास्ते में यमराज मिल गये वो व्यक्ति उन्हें पहचान नहीं सका। यमराज ने पीने के लिए व्यक्ति से पानी माँगा, बिना एक क्षण गंवाए उसने पानी पिला दिया। पानी पीने के बाद यमराज ने बताया...
एक गरीब औरत एक साधु के पास गई,"स्वामी जी! कोई ऐसा पवित्र मन्त्र लिख दीजिये जिससे मेरे बच्चों का रात को भूख से रोना बन्द हो जाये...।" साधु ने कुछ पल एकटक आकाश की ओर देखा फिर अपनी कुटिया में...
कल्पना द्वारा नकारात्मक को सकारात्मक में बदलना.. सुबह उठते ही पहली बात, कल्पना करें कि मै बहुत प्रसन्न हु। बिस्तर से प्रसन्न-चित्त उठें-- आभा-मंडित, प्रफुल्लित, आशा-पूर्ण-- जैसे कुछ समग्र, अनंत बहुमूल्य होने जा रहा ह। अपने बिस्तर से बहुत विधायक...
एक व्यक्ति अपने परिवार, रिश्तेदार, मित्र, मोहल्ला के निवासी, अपनी फैक्ट्री के कार्यकर्ताओं से अति दुःखी होकर समाधान हेतु अपने गुरु के पास पहुंचा और अपनी पीड़ा गुरुदेव को बताते हुए बोला- "मेरे कर्मचारी, मेरी पत्नी, मेरे बच्चे और मेर...
ईश्वर को चाहना एक नगर के राजा ने यह घोषणा करवा दी कि कल जब मेरे महल का मुख्य दरवाजा खोला जायेगा.. तब जिस व्यक्ति ने जिस वस्तु को हाथ लगा दिया वह वस्तु उसकी हो जाएगी..इस घोषणा को सुनकर...
वह बड़े इत्मीनान से गुरु के सामने खड़ा था। गुरु अपनी पारखी नजर से उसका परीक्षण कर रहे थे। नौ दस साल का छोकरा। बच्चा ही समझो। उसे बांया हाथ नहीं था। किसी बैल से लड़ाई में टूट गया था। ...
काफी समय से दादी की तबीयत ख़राब थी...घर पर ही दो नर्स उनकी देखभाल करतीं थीं...डाक्टरों ने भी अपने हाथ उठा दिये थे और कहा था...!! कि जो भी सेवा करनी है कर लीजिये...दवाइयाँ अब अपना काम नहीं कर रहीं...
एक सुपंथ नाम का धर्मात्मा राजा था, एक बार अयोध्या में संत सम्मेलन होने जा रहा था तो संत सम्मेलन में संतो के दर्शन करने सुपंथ भी जा रहे थे, रास्ते में नारदजी मिल गये, प्रणाम किया, बोले कहाँ जा...