सासू माँ की सहेली
आज सुबह से ही मानो घर में त्यौहार-सा माहौल लग रहा है। मम्मी जी के चेहरे की चमक और रसोई से आती पकवानों की महक दोनों की वजह एक ही है, आज दोपहर को खाने ( लंच ) पर उनकी...
आज सुबह से ही मानो घर में त्यौहार-सा माहौल लग रहा है। मम्मी जी के चेहरे की चमक और रसोई से आती पकवानों की महक दोनों की वजह एक ही है, आज दोपहर को खाने ( लंच ) पर उनकी...
दो भाई थे । आपस में बहुत प्यार था। खेत अलग-अलग थे..आजु बाजू में। बड़ा भाई शादीशुदा था…छोटा अकेला। एक बार खेती बहुत अच्छी हुई..अच्छी फ़सल हुई। अपने खेत में काम करते करते बड़े भाई ने बगल के खेत में...
"पिताजी, आपका एक बैग मैने तैयार कर दिया है और दूसरा खाना खाने के बाद लगा दूंगी। कुछ और रखना हो तो याद दिला देना " सिया ने अपने ससुर को खाना परोसते हुए कहा। " हाँ बेटा कोई...
कहां राजा भोज- कहां गंगू तेली यह कहावत क्यों बनी ? बचपन से लेकर आज तक हजारों बार इस कहावत को सुना था कि "कहां राजा भोज- कहां गंगू तेली" आमतौर पर यह ही पढ़ाया और बताया जाता था कि...
बाज़ की उड़ान एक बार की बात है कि एक बाज का अंडा मुर्गी के अण्डों के बीच आ गया. कुछ दिनों बाद उन अण्डों में से चूजे निकले, बाज का बच्चा भी उनमें से एक था. वो उन्हीं के...
बूढ़े जब ज्यादा बात करते हैं तो सठियाने का ताना मारते हैं, लेकिन डाक्टर इसे वरदान मानते हैं: डॉक्टर कहते हैं कि सेवानिवृत्त (वरिष्ठ नागरिकों) को अधिक बात करनी चाहिए क्योंकि वर्तमान में स्मृति हानि को रोकने का कोई उपाय...
एक साधु वर्षा के जल में प्रेम और मस्ती से भरा चला जा रहा था, कि उसने एक मिठाई की दुकान को देखा जहां एक कढ़ाई में गरम दूध उबाला जा रहा था तो दूसरी कढ़ाई में गरमा गरम जलेबियां...
एक बार द्रोपदी सुबह तडके स्नान करने यमुना घाट पर गयी भोर का समय था तभी उसका ध्यान सहज ही एक साधु की ओर गया जिसके शरीर पर मात्र एक लँगोटी थी।साधु स्नान के पश्चात अपनी दुसरी लँगोटी लेने गया...
कॉमन सेंस' एक पंडितजी के घर में उनकी पहली संतान का जन्म होने वाला था। उनका नाम पंडित विष्णुदत्त शास्त्री था। पंडितजी ज्योतिष के प्रकांड विद्वान थे और उन्होंने दाई से कह रखा था कि जैसे ही बालक का...
बहुत समय पहले की बात है ….. एक चरवाहा था जिसके पास 10 भेड़े थीं। वह रोज उन्हें चराने ले जाता और शाम को बाड़े में डाल देता। सब कुछ ठीक चल रहा था कि एक सुबह जब चरवाहा भेडें...