संकट से हनुमान छुड़ायें
एक सुपंथ नाम का धर्मात्मा राजा था, एक बार अयोध्या में संत सम्मेलन होने जा रहा था तो संत सम्मेलन में संतो के दर्शन करने सुपंथ भी जा रहे थे, रास्ते में नारदजी मिल गये, प्रणाम किया, बोले कहाँ जा...
एक सुपंथ नाम का धर्मात्मा राजा था, एक बार अयोध्या में संत सम्मेलन होने जा रहा था तो संत सम्मेलन में संतो के दर्शन करने सुपंथ भी जा रहे थे, रास्ते में नारदजी मिल गये, प्रणाम किया, बोले कहाँ जा...
अमित अभी-अभी दुकान पर आया था। अमित परीक्षा होने के बाद पिताजी की सहायता के लिए दुकान पर रोज ही करीब करीब आ जाता था । आज घर में कन्या पूजन और भोज था, इस समय पिताजी घर पर खाना...
दीपावली की सम्पूर्ण एवं वृस्तृत पूजा विधि- संकल्प मंत्र सहित जिसके द्वारा आप भी अपने घर मे लक्ष्मी आराधना कर सकते है। हर वर्ष भारतवर्ष में दिवाली का त्यौहार बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है. प्रतिवर्ष यह कार्तिक माह...
नरक चतुर्दशी को छोटी दीपावली भी कहते हैं। इसे छोटी दीपावली इसलिए कहा जाता है क्योंकि दीपावली से एक दिन पहले, रात के वक्त उसी प्रकार दीए की रोशनी से रात के तिमिर को प्रकाश पुंज से दूर भगा दिया...
धनतेरस -धन्वंतरी जयंती प्राचीन कथाओं में ऐसा बताया जाता है कि जब देवताओं और असुरों के बीच समुद्र मंथन किया जा रहा था। उस समय कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को भगवान धन्वंतरि का प्राकट्य हुआ। भगवान...
आरती नाम की एक युवती का विवाह हुआ और वह अपने पति और सास के साथ अपने ससुराल में रहने लगी। कुछ ही दिनों बाद आरती को आभास होने लगा कि उसकी सास के साथ पटरी नहीं बैठ रही है।...
एक राजपुरोहित थे। वे अनेक विधाओं के ज्ञाता होने के कारण राज्य में अत्यधिक प्रतिष्ठित थे। बड़े-बड़े विद्वान उनके प्रति आदरभाव रखते थे पर उन्हें अपने ज्ञान का लेशमात्र भी अहंकार नहीं था। उनका विश्वास था कि ज्ञान और चरित्र...
पुण्य भी गोपनीय रखकर ही करने चाहिए पुण्य भी पाप की तरह गोपनीय बनाकर करना चाहिए। हम लोग जब कोई गलत काम करते हैं तो उसे छिपाने का प्रयास करते हैं और अच्छे काम को बहुत प्रचारित करने लगते हैं।...
उस दिन सबेरे आठ बजे मैं अपने शहर से दूसरे शहर जाने के लिए निकला। रेलवे स्टेशन पँहुचा, पर देरी से पँहुचने के कारण मेरी ट्रेन निकल चुकी थी। मेरे पास दोपहर की ट्रेन के अलावा कोई चारा नही था।...
अहोई अष्टमी अहोई अष्टमी का पर्व कार्तिक मास की अष्टमी तिथि को करवा चौथ के 4 दिन बाद मनाया जाता है। यह व्रत माता अहोई को समर्पित है, जो मां पार्वती जी की स्वरूप हैं। अहोई अष्टमी का व्रत महिलाएं...