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मनुष्यता

मनुष्यता एक ब्राह्मण यात्रा करते-करते किसी नगर से गुजरा बड़े-बड़े महल एवं अट्टालिकाओं को देखकर ब्राह्मण भिक्षा माँगने गया किन्तु किसी ने भी उसे दो मुट्ठी अन्न नहीं दिया आखिर दोपहर हो गयी। ब्राह्मण दुःखी होकर अपने भाग्य को कोसता...

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ॐ का रहस्य क्या है?

ॐ का रहस्य क्या है? मन पर नियन्त्रण करके शब्दों का उच्चारण करने की क्रिया को मन्त्र कहते है। मन्त्र विज्ञान का सबसे ज्यादा प्रभाव हमारे मन व तन पर पड़ता है। मन्त्र का जाप मानसिक क्रिया है। कहा जाता...

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भगवान का उपहार

भगवान का उपहार गाँव के स्कूल में पढने वाली छुटकी आज बहुत खुश थी, उसका दाखिला शहर के एक अच्छे  स्कूल में क्लास 6 में हो गया था। आज स्कूल का पहला दिन था और वो समय से पहले ही...

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किस्मत को कभी दोष दें, अपनी किस्मत आप खुद बनाते हैं।

किस्मत को कभी दोष दें, अपनी किस्मत आप खुद बनाते हैं। मोटीवेशनल स्पीकर विजय बत्रा ने कहा कि मेरे पास स्विच ऑन करने की टेक्नीक है, जिसे आप सबसे शेयर करना चाहता हूं। हमारे भीतर असीम ऊर्जा है, जो कई...

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माँ का आँचल

"मां का आँचल" "हे भगवान! दो महीने के लिए मुझे सहनशक्ति देना, रात - दिन की रोका टोकी और जली कटी सुनने की हिम्मत देना"… पति हिमांशु के साथ गांव से आई अपनी रौबीली सास और ससुर को देखकर निशा...

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भगवान कहाँ हैं ? कौन हैं ? किसने देखा है ?

भगवान कहाँ हैं ? कौन हैं ? किसने देखा है ? . मैं कईं दिनों से बेरोजगार था, एक एक रूपये की कीमत जैसे करोड़ो लग रही थी, इस उठापटक में था कि कहीं नौकरी लग जाए।  आज एक इंटरव्यू...

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ईर्ष्या

ईर्ष्या बहुत पहले की बात है, एक गांव में एक गरीब किसान रहता था। उसके पास एक बहुत छोटा सा खेत था जिसमें कुछ सब्जियां उगा कर वह अपना व अपने परिवार का पेट पालता था। गरीबी के कारण उसके...

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कर्मो का लेखा – जोखा

कर्मो का लेखा - जोखा बेटा बन कर,बेटी बनकर,दामाद बनकर,और बहु बनकर कौन आता है ? जिसका तुम्हारे साथ कर्मों का लेना देना होता है। लेना देना नहीं होगा तो नहीं आयेगा। एक फौजी था। उसके मां बाप नहीं थे।...

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क्या हम कभी भगवान को धन्यवाद देने मंदिर गये है..

क्या हम कभी भगवान को धन्यवाद देने मंदिर गये है.. . एक अमीर आदमी था, उसने अपने गांव के सब गरीब लोगों के लिए और भिखारिओं के लिए माह-वारी (प्रतिमाह) दान बांध दिया था। किसी को दस रुपये मिलते महीने...

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घर की मुखिया

घर की मुखिया घर के बाहर टैक्सी आकर रुकी थी। अनुराधा ने बाहर झांककर देखा तो मालती जी टैक्सी के बाहर निकल कर इंतजार कर रही थी कि घर में से कोई तो उन्हें लेने आए। लेकिन घर में बेटा...

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