ई डी (ED) का खौफ
ई डी (ED) का खौफ एक सत्य कथा - मेरे एक मित्र ने शेयर की है…….दिल्ली एनसीआर के एक प्राइवेट फाइवस्टार हॉस्पिटल में डॉक्टरों की टीम ने पेशेंट को तुरंत बायपास सर्जरी करवाने की सलाह दी.... पेशेंट बहुत नर्वस हो...
ई डी (ED) का खौफ एक सत्य कथा - मेरे एक मित्र ने शेयर की है…….दिल्ली एनसीआर के एक प्राइवेट फाइवस्टार हॉस्पिटल में डॉक्टरों की टीम ने पेशेंट को तुरंत बायपास सर्जरी करवाने की सलाह दी.... पेशेंट बहुत नर्वस हो...
वफादारी -सत्य घटना बहादुर की उम्र अभी महज 10-12 साल ही थी परंतु घर की परिस्थितियों ने उसे एक छोटे से होटल पर काम करने को मजबूर कर दिया। एक चंचल सा बालक सारा दिन होटल पर काम करता और...
संत वेश निष्ठ हंस कथा व्यास उज्जैन से-एक राजा था,उसे कुष्ठ रोग हो गया था।वैद्यो ने कहा कि पास के सरोवर से हंसो को मारकर बनायीं हुई दवाई से ही आपका रोग अच्छा हो सकता है। वहाँ पास के...
कृतज्ञता के आंसु- स्कूटी बहुत दिनो से स्कूटी का उपयोग नही होने से, विचार आया Olx पे बेच दें,कीमत Rs 30000/- डाल दी। बहुत आफर आये 15 से 28 हजार तक। एक का 29000 का प्रस्ताव आया। उसे भी waiting...
हमें जागना होगा एक आदमी एक मुर्गा खरीद कर लाया। एक दिन वह मुर्गे को मारना चाहता था, इसलिए उस ने मुर्गे को मारने का बहाना सोचा और मुर्गे से कहा, "तुम कल से बाँग नहीं दोगे, नहीं तो मै...
शिक्षा का निचोड़ काशी में गंगा के तट पर एक संत का आश्रम था। एक दिन उनके एक शिष्य ने पूछा - "गुरुवर! शिक्षा का निचोड़ क्या है?....संत ने मुस्करा कर कहा - "एक दिन तुम स्वयं जान जाओगे।"…कुछ समय...
रावण विद्वान था जबकि हनुमान जी, विद्यावान थे "विद्यावान गुनी अति चातुर। राम काज करिबे को आतुर॥" एक होता है विद्वान और एक विद्यावान । दोनों में आपस में बहुत अन्तर है। इसे हम ऐसे समझ सकते हैं, रावण विद्वान...
एक चुटकी ईमानदारीरामू काका अपनी ईमानदारी और नेक स्वाभाव के लिए पूरे गाँव में प्रसिद्द थे। एक बार उन्होंने अपने कुछ मित्रों को खाने पर आमंत्रित किया। वे अक्सर इस तरह इकठ्ठा हुआ करते और साथ मिलकर अपनी पसंद का...
श्री कृष्ण-अर्जुन संवाद:-अर्जुन ने पूछा- हे गोविंद! जैसे अग्नि को हाथ लगाने से तुरंत मनुष्य का हाथ जल जाता है, ठीक वैसे ही बुरा कर्म करने पर मनुष्य को उस कर्म का फल उसी समय क्यों नहीं मिल जाता है?….श्री...
कोयले का टुकड़ा अमित एक मध्यम वर्गीय परिवार का लड़का था। वह बचपन से ही बड़ा आज्ञाकारी और मेहनती छात्र था। लेकिन जब से उसने कॉलेज में दाखिला लिया था ,उसका व्यवहार बदलने लगा था। अब न तो वो पहले...