मन चंगा तो कटौती मे गंगा
मन चंगा तो कठौती में गंगा एक समय की बात है। एक परिवार में पति-पत्नी और उनके बेटे-बहू रहते थे। सबका जीवन सुख-शांति से चल रहा था। कुछ वर्षों बाद सास-ससुर ने गंगा स्नान करने का विचार बनाया। उन्होंने तय...
मन चंगा तो कठौती में गंगा एक समय की बात है। एक परिवार में पति-पत्नी और उनके बेटे-बहू रहते थे। सबका जीवन सुख-शांति से चल रहा था। कुछ वर्षों बाद सास-ससुर ने गंगा स्नान करने का विचार बनाया। उन्होंने तय...
सकारात्मक सोच महाराज दशरथ को जब संतान प्राप्ति नहीं हो रही थी तब वो बड़े दुःखी रहते थे...पर ऐसे समय में उनको एक ही बात से हौंसला मिलता था जो कभी उन्हें आशाहीन नहीं होने देता था...और वह था श्रवण...
परमहंस हमने ज्ञानियों को परमहंस कहा है। इसके दो कारण हैं। एक तो हंस सार को असार से अलग कर लेता है, और दूसरा, हंस सभी दिशाओं, तीनों आयामों में गतिवान है। वह जल में तैर सकता है, जमीन पर...
पुण्य की महत्ता एक बहुत अमीर धनपति था। वह नित्य ही एक घी का दीप जलाकर मंदिर में रख आता था। एक निर्धन व्यक्ति था,वह सरसों के तेल का एक दीपक जलाकर नित्य गली में रख देता था।वह अंधेरी गली...
बंदर का फैसला एक व्यक्ति एक जंगल से गुजर रहा था कि उसने झाड़ियों के बीच एक सांप फंसा हुआ देखा। सांप ने उससे सहायता मांगी तो उसने एक लकड़ी की सहायता से सांप को वहां से निकाला। बाहर आते...
गुरु - शिष्य बात कुछ इस तरह है, कि जब श्री रामकृष्ण परमहंस जी को कैंसर हुआ था, तब बीमारी के कारण वे खाना नहीं खा पाते थे, और स्वामी विवेकानंद जी अपने गुरु की इस हालात से बहुत ही...
श्री हरि के वाहन गरुड़जी गरुड़ देव के ये रहस्य आपको आश्चर्यचकित कर देंगे! आखिरकार भगवान विष्णु के वाहन गरूढ़ का क्या रहस्य है? …..क्यों हिन्दू धर्म में उनको विशेष महत्व दिया जाता है, क्या है उनके जन्म का रहस्य...
सरल भक्ति - भगवान लड्डू गोपाल एक साधु थे उनका न कोई आश्रम न धर्मशाला न कोई ठिकाना जहाँ रात होती वही ठहर जाते और भिक्षा से जो मिलता भगवान का भोग लगाते। वृन्दावन की दो गोपियाँ जिन्होंने कभी भगवान...
माता-पिता का प्रेम एक बार की बात है, एक गाँव में मोहन नाम का एक बूढ़ा व्यक्ति रहता था। उसका बेटा शहर में रहता था और वो काफी वर्षो से अपने बेटे से नहीं मिला था । वह अपने बेटे...
कर्मों की खेती कर्मों की खेती में जाने-अनजाने जो बीज शुभ के अथवा अशुभ के आपके द्वारा पड़ जाते हैं देर-सबेर उनका अंकुरण निश्चित होना है। प्रकृति के अपने सिद्धांत हैं वो अपने नियमों पर सदैव अटल रहती है। यदि...