टीनू और चिड़िया के घोंसले
टीनू और चिड़िया के घोंसले एक समय की बात है, टीनू नाम की लड़की थी जो स्कूल में दिए गए कार्यों में बड़ी रुचि रखती थी। इस साल टीनू के स्कूल में गर्मी की छुट्टियां पड़ने से पहले उसकी टीचर...
टीनू और चिड़िया के घोंसले एक समय की बात है, टीनू नाम की लड़की थी जो स्कूल में दिए गए कार्यों में बड़ी रुचि रखती थी। इस साल टीनू के स्कूल में गर्मी की छुट्टियां पड़ने से पहले उसकी टीचर...
वाराणसी गौरी का रिजर्वेशन जिस बोगी में था, उसमें लगभग सभी लड़के ही थे । टॉयलेट जाने के बहाने गौरी पूरी बोगी घूम आई, मुश्किल से दो या तीन औरतें होंगी । मन अनजाने भय से काँप सा गया ।...
एक ट्रेन द्रुत गति से दौड़ रही थी। ट्रेन अंग्रेजों से भरी हुई थी। उसी ट्रेन के एक डिब्बे में अंग्रेजों के साथ एक भारतीय भी बैठा हुआ था।डिब्बा अंग्रेजों से खचाखच भरा हुआ था। वे सभी उस भारतीय का...
"संवेदनशील होना कोई दुर्बलता नही"… जीवन में आप चाहे जितने छले गए हो…. आपकी भावनाओं को चाहे जितना रौंदा गया हो। मगर आप अपने अंदर की करुणा और सच्चाई को अपनी कमजोरी समझ के छोड़ना नहीं। क्योंकि…. संवेदनशील होना कायरता...
घमंडी का सिर नीचा प्राचीन काल की बात है।किसी गांव में चंद्रभूषण नाम का एक विद्धवान पंडित रहता था।उसकी वाणी में गजब का आकर्षण था।वह भागवत कथा सुनाने में निपुण था।उसकी वाणी से कथासार सुनकर लोग मुग्ध हो जाते थे।इसीलिए...
न माया मिली न राम किसी गाँव में दो दोस्त रहते थे। एक का नाम हीरा था और दूसरे का मोती। दोनों में गहरी दोस्ती थी और वे बचपन से ही खेलना-कूदना, पढना- लिखना हर काम साथ करते आ रहे...
सदा सुहागन रहो मीना की दादी गांव से आई तो मीना की मां किरन ने जैसे अपनी सास के पैरों को हाथ लगाया तो उसकी सास ने किरन को "सदा सुहागन रहो" का आशीर्वाद दिया! यह सब मीना बहुत बार...
भक्ति-और-भगवान एक राजा था जो एक आश्रम को संरक्षण दे रहा था यह आश्रम एक जंगल में था इसके आकार और इसमें रहने वालों की संख्या में लगातार बढ़ोत्तरी होती जा रही थी और इसलिए राजा उस आश्रम के लोगों...
मानव चरित्र एक बार एक जिज्ञासु व्यक्ति ने एक संत से प्रश्न किया, “महाराज, रंग रूप, बनावट प्रकृति में एक जैसे होते हुए भी कुछ लोग अत्यधिक उन्नति करते हैं। जबकि कुछ लोग पतन के गर्त में डूब जाते हैं।...
कृतज्ञता - परमेश्वर के चरणों में प्रार्थना कोई भी आवेदन नहीं किया था, किसी की भी सिफारिश नहीं थी, ऐसा कोई असामान्य कार्य भी नहीं है, फिर भी सिर के बालों से लेकर पैर के अंगूठे तक 24 घंटे भगवान,...