डिनर बिल का एडवांस पेमेंट
डिनर बिल का एडवांस पेमेंट एक दिन अचानक मेरी पत्नी मुझसे बोली, "सुनो, अगर मैं तुम्हें किसी और के साथ डिनर और फिल्म के लिए बाहर जाने को कहूं तो तुम क्या कहोगे?" मैं बोला, "मैं कहूंगा कि अब तुम...
डिनर बिल का एडवांस पेमेंट एक दिन अचानक मेरी पत्नी मुझसे बोली, "सुनो, अगर मैं तुम्हें किसी और के साथ डिनर और फिल्म के लिए बाहर जाने को कहूं तो तुम क्या कहोगे?" मैं बोला, "मैं कहूंगा कि अब तुम...
दूसरों का अमंगल चाहने में अपना अमंगल पहले होता है 'देवराज इन्द्र तथा देवताओं की प्रार्थना स्वीकार करके महाशैव महर्षि दधीचि ने देह त्याग किया। उनकी अस्थियाँ लेकर विश्वकर्मा ने वज्र बनाया। उसी वज्र से अजेयप्राय वृत्रासुर को इन्द्र ने...
जीवन का रख रखाव एक बार माता पार्वती ने भगवान शिव से कहा की प्रभु मैंने पृथ्वी पर देखा है कि जो व्यक्ति पहले से ही अपने दुःख से दुःखी है आप उसे और ज्यादा दुःख प्रदान करते हैं और...
एक एहसास एक प्रेमी-युगल शादी से पहले काफी हँसी-मजाक और नोक-झोंक किया करते थे। शादी के बाद उनमें छोटी छोटी बातो पे झगड़े होने लगे। एक दिन उनकी शादी कि सालगिरह थी,पर पत्नी ने कुछ नहीं बोला वो पति का...
कृष्ण और रामनाम महिमा कृष्ण और रामनाम की शक्ति व महिमा इतनी अगाध है कि हम इसकी कल्पना भी नहीं कर सकते! कृष्ण नाम महा-पापियों का भी उधार करता है, जैसे कि अजामिल। जब अजामिल ने 'नारायण' नाम पुकारा, तो...
सबसे कठिन दायित्व.. कन्हैया! इतनी देर क्यों लगा दी सखा? तब आये जब मैं पराजित हो गयी थी?……--तुमने बुलाया ही नहीं सखी। जैसे ही मुझे पुकारा, मैं सबकुछ छोड़ कर दौड़ा चला आया। और देखो तो, समय रहते आ गया...
गोपी के गोपाल एक छोटा सा पांच साल का बालक था गोपी। वह अपनी मां के साथ रहता था। उसकी मां मेहनत मजदूरी का काम करती थी । गोपी इसी साल से जंगल के रास्ते से पाठशाला में पढ़ने जाता...
प्रार्थना की शक्ति एक व्यक्ति गाड़ी से उतरा… और बड़ी तेज़ी से एयरपोर्ट में घुसा, जहाज़ उड़ने के लिए तैयार था, उसे किसी कार्यकर्म मे पहुंचना था जो खास उसी के लिए आयोजित की जा रही था… वह अपनी सीट...
मम्मी पापा की गलतियों का खामियाजा बच्चे भरते है सुबह के साढ़े सात बजे जब निधि स्कूल के लिए तैयार हुई तो चुपके से ऊपर मम्मी के बेडरूम में गई। धीरे से डोर सरकाया तो देखा कि सारा सामान बिखरा...
वृन्दावन के चींटें एक सच्ची घटना सुनिए एक संत की….वे एक बार वृन्दावन गए वहाँ कुछ दिन घूमे फिरे दर्शन किए,जब वापस लौटने का मन किया तो सोचा भगवान् को भोग लगा कर कुछ प्रसाद लेता चलूँ.. संत ने रामदाने...