असली शांति
असली शांति एक राजा था जिसे चित्रकला से बहुत प्रेम था। एक बार उसने घोषणा की कि जो कोई भी चित्रकार उसे एक ऐसा चित्र बना कर देगा जो शांति को दर्शाता हो तो वह उसे मुँह माँगा पुरस्कार देगा।...
असली शांति एक राजा था जिसे चित्रकला से बहुत प्रेम था। एक बार उसने घोषणा की कि जो कोई भी चित्रकार उसे एक ऐसा चित्र बना कर देगा जो शांति को दर्शाता हो तो वह उसे मुँह माँगा पुरस्कार देगा।...
दिखावे की दुनिया एक शहर में एक सेठ जी रहते थे, जिनका नाम था- लालचंद मगनलाल धन्नासेठ. वैसे तो उनके पास धन की कोई कमी नहीं थी, लेकिन सबसे बड़ी कमी थी उनके नाम में, उनका पूरा नाम इतना लंबा...
दुष्टदलन कृष्ण भगवान कंस की मृत्यु के पश्चात उसका ससुर जरासन्ध बहुत ही क्रोधित था,उसने भगवान "कृष्ण व बलराम को मारने हेतु मथुरा पर 17 बार आक्रमण किया l" प्रत्येक पराजय के बाद वह अपने विचारों का समर्थंन करने वाले...
श्रीगणेश जी के आध्यात्मिक रहस्य भारत देश की सभ्यता संस्कृति का त्यौहार एक अभिन्न अंग है। त्यौहार हमारे जीवन में विभिन्न प्रकार की खुशियां, उमंग उत्साह लेकर आते हैं इन्हीं त्यौहारों में से एक त्यौहार गणेश चतुर्थी है। गणेश जी...
हवन का महत्व फ़्रांस के ट्रेले नामक वैज्ञानिक ने हवन पर रिसर्च की। जिसमें उन्हें पता चला की हवन मुख्यतः आम की लकड़ी पर किया जाता है। जब आम की लकड़ी जलती है तो फ़ॉर्मिक एल्डिहाइड नामक गैस उत्पन्न होती...
पश्चाताप एक गांव में एक पुत्र अपने पिता और पत्नी के साथ रहता था। पिता बूढ़े हो चुके थे। इस वजह से उनकी बीमारी बढ़ गई । पत्नी को ससुर की बीमारी की वजह से काफी काम करना पड़ता...
"पिता का अधिकार"* पिता का यह व्यवहार देखकर मुझे अच्छा नहीं लगा। मैंने कहा, "भाई साहब, यह सही बात नहीं है। यहाँ भरी सड़क पर जवान बेटे को थप्पड़ मारना मूर्खता है।" मेरी बात सुनकर ठेलेवाले की आँखों में आँसू...
बाग़ का माली और बार-बार बदलती ज़मीन एक गांव में एक माली था — बहुत ही मेहनती, बहुत ही श्रद्धालु।उसने मन में ठान लिया कि उसे एक दिव्य वृक्ष उगाना है, ऐसा वृक्ष जो फल भी दे, छाया भी दे...
कांच की बरनी और दो कप चाय एक प्रोफ़ेसर कक्षा में आये और उन्होंने छात्रों से कहा कि वे आज जीवन का एक बहुत ही महत्वपूर्ण पाठ पढाने वाले हैं ...उन्होंने अपने साथ लाई एक काँच की बडी बरनी (...
प्रभु की महिमा एक आदमी रोज़ मंदिर जाता था और कई घंटे पूजा करता और भगवान से कहता हे प्रभु मेरे दुख कम कब होंगे, मैं तो रोज़ तेरी पूजा करता हूँ। फिर भी इतने दुख भोगता हूँ और वहीं...