कर्म फल भोगना पड़ता है
कर्म फल भोगना पड़ता है एक बार लक्ष्मी और नारायण धरा (पृथ्वी) पर घूमने आए, कुछ समय घूम कर वो विश्राम के लिए एक बगीचे में जाकर बैठ गए। नारायण आंख बंद कर लेट गए, लक्ष्मी जी बैठ कर नज़ारे...
कर्म फल भोगना पड़ता है एक बार लक्ष्मी और नारायण धरा (पृथ्वी) पर घूमने आए, कुछ समय घूम कर वो विश्राम के लिए एक बगीचे में जाकर बैठ गए। नारायण आंख बंद कर लेट गए, लक्ष्मी जी बैठ कर नज़ारे...
निर्मल हृदय की दीपावली कार्तिक अमावस्या की रात थी। आकाश में न तारा चमक रहा था, न चाँद की किरणें थीं—चारों ओर केवल गहरा, अंधकार फैला हुआ था। सारे जीव जैसे किसी मौन पूजा में लीन थे। ऐसी शुभ रात्रि...
अमावस्या की रात और अलक्ष्मी का साया जयपुर की 'शांति निवास' हवेली, नाम के विपरीत, भीतर से अशांत थी। बाहर जहाँ बाज़ार में दीवाली की चहल-पहल थी, वहीं हवेली के विशाल चौक में अर्जुन के परिवार के बीच तनाव का...
धनतेरस की कथा – भगवान धन्वंतरि का प्राकट्य विष्णु पुराण और भागवत पुराण के अनुसार, एक बार देवताओं और असुरों के बीच अमृत प्राप्ति की होड़ मची। अमृत पाने के लिए भगवान विष्णु के सुझाव पर देवता और असुर मिलकर...
जिसके सपने बड़े हों वो छोटी – मोटी बहस में नहीं पड़ते एक करोड़पति ने अपने बड़े से घर की रक्षा के लिए एक कुत्ता पाला। उसके घर के दरवाजे दो तरफ से खुलते थे - आगे से भी और...
सेवाभावी-की-कसौटी स्वामीजी का प्रवचन समाप्त हुआ। अपने प्रवचन में उन्होंने सेवा-धर्म की महत्ता पर विस्तार से प्रकाश डाला और अन्त में यह निवेदन भी किया कि जो इस मार्ग पर चलने के इच्छुक हों, वह मेरे कार्य में सहयोगी हो...
आत्मा का कल्याणएक बनिया था, उसका व्यापार काफी जोरों से चल रहा था! किन्तु उसके दिल में साधू-संतो के प्रति प्यार की भावना थी! अतः आये गए अथितियों की सेवा भी करता था!एक बार एक साधू उसके घर पर आकर...
गजानन एकदन्त होने के पीछे अभूतपूर्व रहस्य कार्तवीर्य को परशुराम जी वध करने के बाद उसके सौ पुत्र मिलकर परशुराम जी को मारने के लिए मैदान में उतर गए थे। परिणाम स्वरूप परशुराम जी के दिव्य फरसे से उन...
ईमानदारी और सत्यनिष्ठा एक विद्वान साधु थे जो दुनियादारी से दूर रहते थे। वह अपनी ईमानदारी, सेवा तथा ज्ञान के लिए प्रसिद्ध थे। एक बार वह पानी के जहाज से लंबी यात्रा पर निकले। उन्होंने यात्रा में खर्च के...
धर्म की रक्षा के लिए कठोर बनना होगा - श्रीकृष्ण भीष्म चुप रहे , कुछ क्षण बाद बोले," पुत्र युधिष्ठिर का राज्याभिषेक करा चुके केशव…? उनका ध्यान रखना , परिवार के बुजुर्गों से रिक्त हो चुके राजप्रासाद में उन्हें अब...