बस कभी बीमार मत पड़ो
बस कभी बीमार मत पड़ो एक भक्ति में जुड़ी हुई आत्मा से मिला,पहले मैंने अपनी उम्र बताई। फिर मैंने उनसे पूछा तो उन्होंने कहा 95 साल । उनके पिता का भी 105 वर्ष की आयु में निधन हुआ था। मैंने...
बस कभी बीमार मत पड़ो एक भक्ति में जुड़ी हुई आत्मा से मिला,पहले मैंने अपनी उम्र बताई। फिर मैंने उनसे पूछा तो उन्होंने कहा 95 साल । उनके पिता का भी 105 वर्ष की आयु में निधन हुआ था। मैंने...
संगत का प्रभाव दो दोस्त थे, एक सज्जन पुरुष, दूसरा जरा बदमाश किस्म का। सज्जन संत हो गए, प्रखर वक्ता के रूप में पूजे जाने लगे। दूसरा दोस्त इधर-उधर चोरी-चकारी हाथ सफाई कर अपना जीवनयापन करने लगा। एक दिन संत...
धर्म-युद्ध हस्तिनापुर में पाण्डवों के राज्याभिषेक के बाद जब कृष्ण द्वारिका जाने लगे तो धर्मराज युद्धिष्ठर उनके रथ पर सवार हो कर कुछ दूर तक उन्हें छोड़ने के लिए चले गए। भगवान श्रीकृष्ण ने देखा, धर्मराज के मुख पर उदासी...
बेटी की अमानत पिछले कई महीनों से, मैं हर महीने अपने पिता को 20,000 रुपये भेज रही हूँ। यह सोचकर कि वे बूढ़े और कमज़ोर हो गए हैं, उन्हें दवा की ज़रूरत है, और उनकी देखभाल के लिए एक सौतेली...
कर्मों की दोलत एक राजा था जिसने ने अपने राज्य में क्रूरता से बहुत सी दौलत इकट्ठा करके (एक तरह का शाही खजाना) आबादी से बाहर जंगल में एक सुनसान जगह पर बनाए तहखाने में सारे खजाने को खुफिया तौर...
दया की महिमा एक बहेलिया था। चिड़ियों को जाल में या गोंद लगे बड़े भारी बाँस में फँसा लेना और उन्हें बेच डालना ही उसका काम था। चिड़ियों को बेचकर उसे जो पैसे मिलते थे, उसी से उसका काम चलता...
संघर्ष भी मुस्कान का हिस्सा एक दिन पति-पत्नी में झगड़ा हो गया। रात के खाने के बाद, पति और बच्चे तो सोने के चले गए, लेकिन पत्नी यह सोचकर घर से बाहर चली गई कि अब वह अपने पति के...
तांबे का सिक्का एक राजा का जन्मदिन था। सुबह जब वह घूमने निकला, तो उसने तय किया कि वह रास्ते में मिलने वाले पहले व्यक्ति को पूरी तरह खुश व संतुष्ट करेगा। उसे एक भिखारी मिला। भिखारी ने राजा से...
विचित्र आशीर्वाद एक समय आदरणीय गुरु नानक देव जी यात्रा करते हुए नास्तिक विचारधारा रखने वाले लोगों के गाँव पहुंचे। वहां बसे लोगों ने गुरु नानाक देव जी और उनके शिष्यों का आदर सत्कार नहीं किया, उन्हें कटु वचन बोले...
अजगर करै न चाकरी शुरू में संत मलूकदास नास्तिक थे यानी ईश्वर के होने में उनका कतई विश्वास नहीं था। उन्हीं दिनों की बात है, उनके गांव में एक साधु आकर टिक गया। प्रतिदिन सुबह सुबह गांव वाले साधु का...