सुविचार
जय श्री राधे कृष्ण ….. " जीवन मे कुछ भी "स्थायी" नही है इसलिए स्वयं को अधिक "तनावग्रस्त" न करें क्योंकि "परिस्थितियां" चाहे कितनी भी खराब हों, बदलेगी जरूर….!! सुप्रभात आज का दिन प्रसन्नता से परिपूर्ण हो.....
जय श्री राधे कृष्ण ….. " जीवन मे कुछ भी "स्थायी" नही है इसलिए स्वयं को अधिक "तनावग्रस्त" न करें क्योंकि "परिस्थितियां" चाहे कितनी भी खराब हों, बदलेगी जरूर….!! सुप्रभात आज का दिन प्रसन्नता से परिपूर्ण हो.....
जय श्री राधे कृष्ण ….. " पासो के खेल में शकुनी भले ही अपनी चालाकियों से जीत गया हो, लेकिन इतिहास आज भी उसको गालियां देता है……!! सुप्रभात आज का दिन प्रसन्नता से परिपूर्ण हो.....
जय श्री राधे कृष्ण ….. " हमें सदैव धैर्य रखना है, निराश नहीं होना है, क्योंकि हमें जिसने लिखा है वो ब्रम्हांड का सबसे बड़ा लेखक है.!! सुप्रभात आज का दिन प्रसन्नता से परिपूर्ण हो.....
जय श्री राधे कृष्ण ….. " दान करने से रुपया जाता है लक्ष्मी नही..घड़ी बंद करने से घड़ी बंद होती है समय नही..झूठ छुपाने से झूठ छुपता है सच नही..!! सुप्रभात आज का दिन प्रसन्नता से परिपूर्ण हो.....
जय श्री राधे कृष्ण ….. " *नई सुबह इतनी सुहानी हो जाए; आपके दुखों की सारी बातें पुरानी हो जाएं; दे जाए इतनी खुशियां ये दिन आपको;कि ख़ुशी भी आपकी मुस्कुराहट की दीवानी हो जाए..!! सुप्रभात आज का दिन प्रसन्नता...
जय श्री राधे कृष्ण ….. " हमारे पास ऊपर वाले मालिक का दिया हुआ जो भी है उसी मे मौज कीजिए…और आनंद लीजिये.. क्योंकि… खुशियाँ तिजोरियों में नहीं,,,,अपनों से है। पैसा ही नहीं है सब कुछ, जीवन में खुशियाँ भी...
जय श्री राधे कृष्ण ….. " व्यस्त रहने से किसी भी व्यक्ति के आधे दुःख खत्म हो जाते है। यही पृथ्वी पर सबसे अच्छी और सस्ती दवा है….!! सुप्रभात आज का दिन प्रसन्नता से परिपूर्ण हो.....
जय श्री राधे कृष्ण ….. " स्वभाव वो ख़ुशबू है जिससे रिश्ते महकते हैं, सम्मान वो दान है, जिससे रिश्ते मजबूत होते हैं, कर्म वो पूजा है जिससे भाग्य बदलते हैं…..!! सुप्रभात आज का दिन प्रसन्नता से परिपूर्ण हो.....
जय श्री राधे कृष्ण ….. " चुनोतियों से कभी घबराना नही चाहिए, जीवन मे चुनोतियाँ हर किसी के हिस्से में नही आती क्योंकि..किस्मत भी किस्मत वालो को ही आजमाती है..!! सुप्रभात आज का दिन प्रसन्नता से परिपूर्ण हो.....
इन्सानियत इन्सानियत का अर्थ केवल मनुष्य होने से नहीं, बल्कि हर जीव के प्रति करुणा, अपनापन और जिम्मेदारी निभाने से है। यह एक ऐसी भावना है जो भाषा, धर्म, जाति या प्रजाति की सीमाओं से परे होती है। कभी-कभी प्रकृति...