सुविचार-सुन्दरकाण्ड-7
जय श्री राधे कृष्ण ……. आजु सुरन्ह मोहि दीन अहारा, सुनत बचन कह पवनकुमारा, राम काजु करि फिरि मैं आवौं, सीता कइ सुधि प्रभुहि सुनावौं….. !! भावार्थ:- आज देवताओं ने मुझे भोजन दिया है। यह वचन सुनकर पवन कुमार हनुमान...
जय श्री राधे कृष्ण ……. आजु सुरन्ह मोहि दीन अहारा, सुनत बचन कह पवनकुमारा, राम काजु करि फिरि मैं आवौं, सीता कइ सुधि प्रभुहि सुनावौं….. !! भावार्थ:- आज देवताओं ने मुझे भोजन दिया है। यह वचन सुनकर पवन कुमार हनुमान...
जय श्री राधे कृष्ण ……. जात पवनसुत देवन्ह देखा, जानैं कहुँ बल बुद्धि बिसेषा, सुरसा नाम अहिन्ह कै माता, पठइन्हि आइ कही तेहिं बाता…..!! भावार्थ:- देवताओं ने पवन पुत्र हनुमान जी को जाते हुए देखा। उनकी विशेष बल - बुद्धि...
जय श्री राधे कृष्ण …….. " हनूमान तेहि परसा कर पुनि कीन्ह प्रनाम , राम काजु कीन्हें बिनु मोहि कहाँ बिश्राम…!! भावार्थ:- हनुमान जी ने उसे हाथ से छू दिया, फिर प्रणाम करके कहा - भाई! श्री रामचंद्र जी का...
जय श्री राधे कृष्ण …….. " ख़ुद पर भरोसा करना परिंदों से सीखना चाहिए, जब वो शाम को वापस, घोंसलों में जाते हैं तो, उनकी चोंच में कल के लिए दाना नहीं होता हैं….!! सुप्रभात आज का दिन प्रसन्नता से...
जय श्री राधे कृष्ण …….. " जेहिं गिरि चरन देइ हनुमंता , चलेउ सो गा पाताल तुरंता , जिमि अमोघ रघुपति कर बाना एही भांति चलेउ हनुमाना……!! भावार्थ:- जिस पर्वत पर हनुमान जी पैर रखकर चले (जिस पर से वह...
जय श्री राधे कृष्ण …….. " सिंधु तीर एक भूधर सुन्दर, कौतुक कूदि चढ़ेउ ता ऊपर, बार बार रघुबीर संभारी, तरकेउ पवनतनय बल भारी……!! भावार्थ:- समुद्र के तीर पर एक सुंदर पर्वत था। हनुमान जी खेल से ही (अनायास ही)...
जय श्री राधे कृष्ण …….. " जब लगि आवौं सीता देखी, होइहि काजु मोहि हरष बिसेषी, यह कहि नाइ सबन्हि कहुँ माथा, चलेउ हरषि हिय धरि रघुनाथा….. !! भावार्थ:- जब तक मैं सीता जी को देखकर (लौट) न आऊं |...
जय श्री राधे कृष्ण …….. " प्रेरणा सदैव लहरों से लेनी चाहिए, इसलिए नहीं कि वे उठती है और गिर जाती है..बल्कि इसलिए कि वे जब भी गिरती है तो फिर से एक नये जोश से उठ जाती है….. .!!...
जय श्री राधे कृष्ण …….. " जामवंत के बचन सुहाए, सुनि हनुमंत हृदय अति भाए, तब लगि मोहि परिखेहु तुम्ह भाई, सहि दुख कंद मूल फल खाई || भावार्थ:- जामवंत के सुंदर वचन सुनकर हनुमानजी के ह्रदय को बहुत भाए...
जय श्री राधे कृष्ण …….. " जब हम अपने दिल और दिमाग के थोड़े से भी हिस्से को बुराईयोँ से रिक्त कर देगेँ, तो वह रिक्त स्थान अपने हम सृज्जनता से भर जायेगा….. .!! सुप्रभात आज का दिन प्रसन्नता से...