सुविचार-सुन्दरकाण्ड-52
जय श्री राधे कृष्ण ……. "सठ सूने हरि आनेहि मोही, अधम निलज्ज लाज नहिं तोही….!! भावार्थ:- रे पापी ! तू मुझे सूने में हर लाया है । रे अधम ! निर्लज्ज ! तुझे लज्जा नहीं आती ?…..।। आपुहि सुनि खद्योत...
जय श्री राधे कृष्ण ……. "सठ सूने हरि आनेहि मोही, अधम निलज्ज लाज नहिं तोही….!! भावार्थ:- रे पापी ! तू मुझे सूने में हर लाया है । रे अधम ! निर्लज्ज ! तुझे लज्जा नहीं आती ?…..।। आपुहि सुनि खद्योत...
'राम- राम'- सौभाग्य एक बार भगवान राम और लक्ष्मण एक सरोवर में स्नान के लिए उतरे। उतरते समय उन्होंने अपने-अपने धनुष बाहर तट पर गाड़ दिए जब वे स्नान करके बाहर निकले तो लक्ष्मण ने देखा की उनकी धनुष की...
जय श्री राधे कृष्ण ……. " कर्म करने पर तो हार या जीत कुछ भी मिल सकती है किन्तु कर्म ना करने पर केवल हार ही मिलती है पुरुषार्थी के पुरुषार्थ के आगे तो भाग्य भी विवश हो कर फल...
जय श्री राधे कृष्ण ……. "सुन दसमुख खद्योत प्रकासा, कबहु कि नलिनी करइ बिकासा, अस मन समुझु कहति जानकी, खल सुधि नहिं रघुबीर बान की….!! भावार्थ:- हे दसमुख! सुन, जुगुनू के प्रकाश से कभी कमलिनी खिल सकती है ? जानकी...
https://youtu.be/3eBtTln20VE?si=NDUKyB-niRvDvCev...
प्रेम कि पराकाष्ठा- नाच उठे बजरंगी एक दिन हनुमानजी जब सीता जी की शरण में आए, नैनों में जल भरा हुआ है बैठ गए शीश झुकाए, सीता जी ने पूछा उनसे कहो लाडले बात क्या है, किस कारण ये छाई...
जय श्री राधे कृष्ण ……. "तव अनुचरीं करउँ पन मोरा, एक बार बिलोकु मम ओरा, तृन धरि ओट कहति बैदेही, सुमिरि अवधपति परम सनेही……!! भावार्थ:- मैं तुम्हारी दासी बना दूंगा । यह मेरा प्रण है। तुम एक बार मेरी ओर...
चमत्कार छोटी मनु ने गुल्लक से सब सिक्के निकाले और उनको बटोर कर जेब में रख लिया, निकल पड़ी घर से - पास ही केमिस्ट की दुकान थी उसके जीने धीरे धीरे चढ़ गयी । वो काउंटर के सामने खड़े...
जय श्री राधे कृष्ण ……. "बहु बिधि खल सीतहि समझावा, साम दान भय भेद देखावा, कह रावनु सुन सुमुखि सयानी, मंदोदरी आदि सब रानी….!! भावार्थ:- उस दुष्ट ने सीता जी को बहुत प्रकार से समझाया । साम, दान, भय और...
मानसिक भाव एक ब्राह्मण- वह एक महान भक्त था… वह मंदिर की पूजा में बहुत शानदार सेवा पेश करना चाहता था, लेकिन उसके पास धन नहीं था ! एक दिन की बात है वह एक भागवत पाठ में बैठा हुआ...