सुविचार-सुन्दरकाण्ड-79
जय श्री राधे कृष्ण ……. "मातु कुसल प्रभु अनुज समेता, तव दुख दुखी सुकृपा निकेता, जनि जननी मानहु जिय ऊना, तुम्ह ते प्रेमु राम कें दूना….!! भावार्थ:- हे माता ! सुंदर कृपा के धाम प्रभु भाई लक्ष्मण जी के सहित...
जय श्री राधे कृष्ण ……. "मातु कुसल प्रभु अनुज समेता, तव दुख दुखी सुकृपा निकेता, जनि जननी मानहु जिय ऊना, तुम्ह ते प्रेमु राम कें दूना….!! भावार्थ:- हे माता ! सुंदर कृपा के धाम प्रभु भाई लक्ष्मण जी के सहित...
कल्याण सिंह लोधी (5 जनवरी 1932 – 21 अगस्त 2021) एक भारतीय राजनीतिज्ञ थे वो राजस्थान और हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल रह चुके हैं। इससे पहले वो उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री भी रहे। वो दो बार उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे। विवादित बाबरी ढांचा विध्वंस होने के...
जय श्री राधे कृष्ण ……. "बचनु न आव नयन भरे बारी, अहह नाथ हौं निपट बिसारी, देखि परम बिरहाकुल सीता, बोला कपि मृदु बचन बिनीता…..!! भावार्थ:- (मुंह से) वचन नहीं निकलता, नेत्रों में (विरह के आंसुओं का) जल भर आया...
आचार्य धर्मेंद्र का पूरा जीवन हिंदी, हिंदुत्व और हिन्दुस्तान के उत्कर्ष के लिए समर्पित रहा। अपने पिता महात्मा रामचन्द्र वीर महाराज के समान उन्होंने भी अपना सम्पूर्ण जीवन भारत माता और उसकी संतानों की सेवा में, अनशनों, सत्याग्रहों, जेल यात्राओं,...
जय श्री राधे कृष्ण ……. "सहज बानि सेवक सुखदायक, कबहुँक सुरति करत रघुनायक, कबहुँ नयन मम सीतल ताता, होइहहिं निरखि स्याम मृदु गाता…..!! भावार्थ:- सेवक को सुख देना उनकी स्वाभाविक बान है । वे श्री रघुनाथ जी क्या कभी मेरी...
अयोध्या आंदोलन के हनुमान -4– साध्वी ऋतम्भरा लोकप्रिय साध्वी ऋतंभरा जी, जिन्हे दीदी माँ के नाम से जाना जाता है, एक बहुत ही प्रमुख आध्यात्मिक गुरु हैं। वह भारतीय संस्कृति के महान सम्मान और हिंदुत्व का उपदेश देती है। साध्वी...
जय श्री राधे कृष्ण ……. "अब कहु कुसल जाउँ बलिहारी,अनुज सहित सुख भवन खरारी, कोमलचित कृपाल रघुराई, कपि केहि हेतु धरी निठुराई……!! भावार्थ:- मैं बलिहारी जाती हूँ। अब छोटे भाई लक्ष्मण जी सहित खर के शत्रु, सुख धाम प्रभु का...
अयोध्या आंदोलन के हनुमान-3 – कोठारी बंधु साल था 1990 और महीना था दिसंबर। पहले हफ्ते के एक दिन डाकिया आज के कोलकाता और तब के कलकत्ता के खेलत घोष लेन स्थित एक घर में पोस्टकार्ड लेकर पहुॅंचता है। बकौल...
जय श्री राधे कृष्ण ……. "हरिजन जानि प्रीति अति गाढ़ी, सजल नयन पुलकावलि बाढ़ी, बूड़त बिरह जलधि हनुमाना, भयहु तात मो कहुँ जल जाना……!!. भावार्थ:- भगवान का जन (सेवक) जान कर अत्यंत गाढ़ी प्रीत हो गई । नेत्रों में जल...
अयोध्या आंदोलन के हनुमान-2–चम्पतराय जी 1975 इँदिरा गाँधी द्वारा थोपे आपातकाल के समय बिजनौर के धामपुर स्थित आर एस एम डिग्री कॉलेज में एक युवा प्रोफेसर चंपत राय जी, बच्चों को फिजिक्स पढ़ा रहे थे, तभी उन्हें गिरफ्तार करने वहां...