lalittripathi@rediffmail.com
Quotes

सुविचार-सुन्दरकाण्ड-150

जय श्री राधे कृष्ण ……. "मिले सकल अति भए सुखारी, तलफत मीन पाव जिमि बारी, चले हरषि रघुनायक पासा, पूँछत कहत नवल इतिहासा ।। भावार्थ:- सब हनुमान जी से मिले और बहुत ही सुखी हुए, जैसे तड़पती हुई मछली को...

Stories

राममय भारत

राममय भारत आज भारतीय सभ्यता ने अपने पुनरुत्थान और प्रस्थान के लिए जिस चरित्र को चुना, वह राम हैं। ऐसा नहीं कि राम से पहले भारत में महापुरुष नहीं हुए। अनेक हुए। लेकिन राम एक प्रतिमान बन गए। मर्यादा, त्याग,...

Quotes

सुविचार-सुन्दरकाण्ड-149

जय श्री राधे कृष्ण ……. "हरसे सब बिलोकि हनुमाना, नूतन जन्म कपिन्ह तब जाना, मुख प्रसन्न तन तेज बिराजा, कीन्हेसि रामचंद्र कर काजा ।। भावार्थ:- हनुमान जी को देख कर सब हर्षित हो गए और तब वानरों ने अपना नया...

Stories

महादेव का वरदान- गजासुर

महादेव का वरदान- गजासुर गज और असुर के संयोग से एक असुर का जन्म हुआ. उसका मुख गज जैसा होने के कारण उसे गजासुर कहा जाने लगा। गजासुर शिवजी का बड़ा भक्त था और शिवजी के बिना अपनी कल्पना ही...

Quotes

सुविचार-सुन्दरकाण्ड-148

जय श्री राधे कृष्ण ……. "चलत महाधुनि गर्जेसि भारी, गर्भ स्रवहिं सुनि निसिचर नारी, नाघि सिंन्धु एहि पारहि आवा, सबद किलकिला कपिन्ह सुनावा ।। भावार्थ:- चलते समय उन्होंने महाध्वनि से भारी गर्जना किया, जिसे सुन कर राक्षसों की स्त्रियों के...

Stories

समस्या

समस्या एक राजा ने बहुत ही सुंदर ''महल'' बनावाया और महल के मुख्य द्वार पर एक ''गणित का सूत्र'' लिखवाया... और एक घोषणा की कि, इस सूत्र से यह 'द्वार खुल जाएगा, और जो भी इस ''सूत्र'' को ''हल'' कर...

Quotes

सुविचार-सुन्दरकाण्ड-147

जय श्री राधे कृष्ण ……. "जनक सुतहि समुझाइ करि बहु बिधि धीरजु दीन्ह, चरन कमल सिरु नाइ कपि गवनु राम पहिं कीन्ह ।। भावार्थ:- हनुमान जी ने जानकी जी को समझा कर बहुत प्रकार से धीरज दिया और उनके चरण...

Stories

गोग्रास -किसी साथी की सच्ची घटना

गोग्रास -किसी साथी की सच्ची घटना लगभग 2 वर्ष पूर्व 2022 जून में हमारे पिताजी का स्वर्गवास हुआ था हमने विधिवत शास्त्र अनुसार उनका अंतिम संस्कार किया और जैसा कि संत महात्मा कहते हैं,,और गरुड़पुराण में भी लिखा है सुना...

Quotes

सुविचार-सुन्दरकाण्ड-146

जय श्री राधे कृष्ण ……. "कहु कपि केहि बिधि राखौं प्राना, तुम्हहू तात कहत अब जाना, तोहि देखि सीतलि भइ छाती, पुनि मो कहुँ सोइ दिनु सो राती ।। भावार्थ:- हे हनुमान ! कहो, मैं किस प्रकार प्राण रखूँ ।...

Stories

ऊपर उठने का माद्दा रखो

ऊपर उठने का माद्दा रखो पर्वत की ऊंचाई चाहें कितनी ही ऊपर क्यों नहीं हो यदि हमारा मन का विश्वास ऊपर है ऊंचा है तो हम एक न एक दिन चोटी पर पहुंचकर ही दम लेंगे , हमारा आत्मविश्वास जितना...

1 133 134 135 254
Page 134 of 254