सुविचार
जय श्री राधे कृष्ण ….. " अपनों से अपनापन चाहते हैं तो बेवजह भी मिलते रहें क्योंकि कई रिश्ते केवल बुलावे के इंतजार में ही बिखर जाते हैं….!! सुप्रभात आज का दिन प्रसन्नता से परिपूर्ण हो.....
जय श्री राधे कृष्ण ….. " अपनों से अपनापन चाहते हैं तो बेवजह भी मिलते रहें क्योंकि कई रिश्ते केवल बुलावे के इंतजार में ही बिखर जाते हैं….!! सुप्रभात आज का दिन प्रसन्नता से परिपूर्ण हो.....
वाल्मीकि रामायण -भाग 38 समुद्र तट पर दुःखी बैठे उन वानरों को रोता देख उस गिद्ध ने अपने आप से ही कहा, “जिस प्रकार पूर्वजन्म के कर्मों के अनुसार मनुष्य को अपने किये का फल मिलता है, उसी प्रकार बहुत...
जय श्री राधे कृष्ण ….. "रिश्ते हमेशा "हम" से ही बनते हैं। "मैं" कभी भी किसी रिश्ते को नही बनाता।…..!! सुप्रभात आज का दिन प्रसन्नता से परिपूर्ण हो.....
वाल्मीकि रामायण -भाग 37 पूर्व दिशा की ओर जाने वाले वानरों को भेजने के बाद सुग्रीव ने दक्षिण दिशा की ओर जाने के लिए नील, जाम्बवान, सुहोत्र, गज, गवाक्ष, गवय, वृषभ, मैन्द, द्विविद, सुषेण, गन्धमादन, उल्कामुख और अनंग आदि श्रेष्ठ...
जय श्री राधे कृष्ण ….. "योग्यताएँ कर्म से पैदा होती हैं, जन्म से हर व्यक्ति शून्य होता है……!! सुप्रभात आज का दिन प्रसन्नता से परिपूर्ण हो.....
वाल्मीकि रामायण -भाग 36 क्रोधित लक्ष्मण धनुष-बाण लेकर किष्किन्धा की ओर बढ़े। किष्किन्धा के बाहर अनेक भयंकर वानर विचर रहे थे, जिनके शरीर हाथियों के समान विशाल थे। लक्ष्मण को देखते ही उन्होंने अनेक शिलाएँ और बड़े-बड़े वृक्ष अपने हाथों...
जय श्री राधे कृष्ण ….. "वर्तमान से आंनद लेने का प्रयास कीजिये, भविष्य बहुत कपटी होता हैवो केवल आश्वासन देता है……!! सुप्रभात आज का दिन प्रसन्नता से परिपूर्ण हो.....
वाल्मीकि रामायण -भाग 35 बाली के मृत शरीर को देखकर तारा भीषण विलाप करने लगी। उसकी यह दशा देखकर सुग्रीव को भारी पछतावा हुआ। उसकी आँखों से भी आँसुओं की धारा बहने लगी और मन खिन्न हो गया। तब श्रीराम...
जय श्री राधे कृष्ण ….. "सकल सुमंगल दायक रघुनायक गुन गान, सादर सुनहिं ते तरहिं भव सिंधु बिना जलजान ।। भावार्थ:- श्री रघुनाथ जी का गुण गान संपूर्ण सुंदर मंगलों का देनेवाला है । जो इसे आदर सहित सुनेंगे, वे...
वाल्मीकि रामायण -भाग 34 क्रोध से भरा हुआ बाली किष्किन्धापुरी से बाहर निकला और अपने शत्रु को देखने के लिए उसने चारों ओर दृष्टि दौड़ाई। तभी उसे युद्ध के लिए तैयार खड़ा सुग्रीव दिखाई दिया। उसे देखते ही बाली का...