lalittripathi@rediffmail.com

Lalit Tripathi

Lalit Tripathi
2534 posts
सामान्य (ऑर्डिनरी) इंसान की असमान्य (एक्स्ट्रा ऑर्डिनरी) इंसान बनने की यात्रा
Quotes

सुविचार

जय श्री राधे कृष्ण ….. " " जिस इंसान के पास क्षमा करने की शक्ति जितनी ज्यादा होती है, उसके रिश्तों का दायरा, उतना ही विशाल होता है…!! सुप्रभात आज का दिन प्रसन्नता से परिपूर्ण हो.....

Stories

वाल्मीकि रामायण -भाग 61

वाल्मीकि रामायण -भाग 61इसके बाद श्रीराम ने हनुमान जी से कहा, “हनुमान! समस्त सुखों, हाथी, घोड़ों और रथों से भरपूर समृद्ध राज्य मिलने पर किसका मन नहीं पलट सकता? अतः तुम शीघ्र जाकर अयोध्या की स्थिति का पता लगाओ। शृङ्गवेरपुर...

Quotes

सुविचार

जय श्री राधे कृष्ण ….. " "गलतियां" हुई हैं और "गलतियाँ" होती रहती हैं, बस, "इरादे गलत नही होने चाहिए…!! आप सभी को गोवर्धन पूजा और अन्नकूट महोत्सव की ढेर सारी शुभकामनाएं बहुत-बहुत बधाई सुप्रभात आज का दिन प्रसन्नता से...

Stories

वाल्मीकि रामायण -भाग 60

वाल्मीकि रामायण -भाग 60अब तक श्रीराम ने भी युद्ध का रोष त्याग दिया था और वे शान्त भाव से खड़े थे। उन्होंने मातलि को विदा किया और फिर प्रसन्नता से उन्होंने सुग्रीव को गले लगाया और सबके साथ वे वानर-सेना...

Quotes

सुविचार

जय श्री राधे कृष्ण ….. " " अगर लोग सिर्फ जरुरत पर ही हमें याद करते हैं, तो उन्हें गलत नहीं समझना चाहिए , क्योंकि हम उनकी जिन्दगी की वो रोशनी की किरण हैं, जो उन्हें सिर्फ अन्धेरों में ही...

Stories

वाल्मीकि रामायण -भाग 59

वाल्मीकि रामायण -भाग 59ऐसा कहकर उसने तलवार हाथ में उठा ली और पत्नी व मन्त्रियों से घिरा हुआ रावण उस स्थान पर जा पहुँचा, जहाँ सीता जी को रखा गया था। सीता जी को देखते ही वह उनका वध करने...

Quotes

सुविचार

जय श्री राधे कृष्ण ….. " "परिवार के समस्त सदस्य आनंदपूर्वक साथ साथ हो, हर दिन ही दीपावली है …….!! दीपावली की हार्दिक शुभकामनाए एवं बधाई.. सुप्रभात आज का दिन प्रसन्नता से परिपूर्ण हो.....

Stories

वाल्मीकि रामायण -भाग 58

वाल्मीकि रामायण -भाग 58विभीषण की कड़वी बातें सुनकर इन्द्रजीत को बड़ा क्रोध आया। वह अपने रथ को आगे बढ़ाकर तुरंत सामने आ खड़ा हुआ। उसने अपने हाथों में धनुष-बाण उठा लिया था और उसका खड्ग एवं अन्य आयुध भी वहीं...

Quotes

सुविचार

जय श्री राधे कृष्ण ….. " "दूसरों की बातें सुनकर अपने रिश्ते खराब नहीं करने चाहिए क्यूँकि रिश्ते अपने होते है दूसरों के नही…….!! सुप्रभात आज का दिन प्रसन्नता से परिपूर्ण हो.....

Stories

वाल्मीकि रामायण -भाग 57

वाल्मीकि रामायण -भाग 57 यह सुनकर श्रीराम जोर-जोर से हँसते हुए बोले, “निशाचर! क्यों व्यर्थ डींग हाँकता है? दण्डकारण्य में जब मैंने तेरे पिता खर के साथ ही त्रिशिरा, दूषण व अन्य चौदह हजार राक्षसों का वध किया था, तो...

1 92 93 94 254
Page 93 of 254